यूपी: किस्त नहीं देने पर रिकवरी एजेंटों ने युवक का अपहरण किया, फिर एक यूनिट खून निकाला, मैनेजर-एजेंट गिरफ्तार
लखनऊ में किस्त न चुकाने पर एक फाइनेंस कंपनी के मैनेजर और दो रिकवरी एजेंटों ने युवक को बंधक बनाया। आरोप है कि उसका एक यूनिट खून निकालकर बेच दिया गया और चार दिन तक मजदूरी कराई गई। पुलिस ने मैनेजर और एक एजेंट को गिरफ्तार किया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है।
विस्तार
टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड फाइनेंस कंपनी के मैनेजर ने दो रिकवरी एजेंट के साथ मिलकर सबक सिखाने के लिए निगोहां के पुरहिया गांव निवास नेवल को बंधक बनाया था। आरोपियों ने उनका एक यूनिट खून निकालकर बेच दिया था। यह बात बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किए गए मैनेजर व एक एजेंट ने निगोहां पुलिस को पूछताछ में बताई।
डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कंपनी का मैनेजर तालकटोरा निवासी सुशांत शर्मा और हुसैनगंज के उदयगंज का रहने वाला रिकवरी एजेंट अनिकेत सिंह है। भागा चल रहा तीसरा आरोपी एजेंट शुभम सिंह है। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। आरोपी की कंपनी का दफ्तर विभूतिखंड स्थित विराज टावर में है। कंपनी बाइक, मोबाइल और टीवी फाइनेंस करती है।
शुभम के घर में बनाया था बंधक
सुशांत ने पूछताछ में बताया कि उसका काम किस्त न देने वालों से रकम वसूलना है। नेवल किस्त नहीं दे रहा था, इसलिए उन्होंने अपहरण की साजिश रची। वह और दोनों एजेंट नेवल को गांव से बाहर ले गए और समाधान चैरिटेबल ब्लड सेंटर पहुंचे। वहां खून निकालकर बेचा गया। ब्लड सेंटर से निकलने के बाद नेवल को शुभम के घर पर बंधक बनाया गया। वहां उससे चार दिन तक प्लास्टर तोड़ने का काम कराया गया।
ब्लड सेंटर की भी होगी जांच
डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने ब्लड सेंटर से एंट्री रजिस्टर कब्जे में लिया है, जिसमें नेवल की एंट्री दर्ज है। समाधान चैरिटेबल ब्लड सेंटर के कर्मियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी। भूमिका मिलने पर आरोपियों के नाम एफआईआर में बढ़ाए जाएंगे। भागे चल रहे शुभम की तलाश में पुलिस की तीन टीमें दबिश दे रही हैं।