{"_id":"6a6a03d45a44ef01f20995be","slug":"up-ration-cards-of-2-35-lakh-ineligible-people-in-the-state-who-are-depriving-the-poor-of-their-rights-will-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: गरीबों का हक मार रहे प्रदेश के 2.35 लाख अपात्रों के राशनकार्ड होंगे निरस्त, सभी जिलों में होगा सत्यापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: गरीबों का हक मार रहे प्रदेश के 2.35 लाख अपात्रों के राशनकार्ड होंगे निरस्त, सभी जिलों में होगा सत्यापन
Wed, 29 Jul 2026 08:18 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 29 Jul 2026 08:18 PM IST
सार
Government ration in UP: गरीबों का हक मार रहे उन लोगों के राशनकार्ड निरस्त किए जाएंगे जो पात्रता नहीं रखते। इसके लिए सत्यापन का काम शुरू होगा।
विज्ञापन
सरकारी राशन ले रहे हैं अपात्र लोग। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गरीबों के हक का राशन गटक रहे प्रदेश के 2.35 लाख परिवारों के राशनकार्ड निरस्त किए जाएंगे। शासन ने इस संबंध में सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को आदेश जारी कर चिह्नित इन सभी अपात्रों के राशनकार्ड एक सप्ताह में निरस्त करने को कहा है। जिसके बाद राजधानी में भी अपात्रों के राशनकार्ड निरस्त करने की तैयारी तेज कर दी गई है।
विज्ञापन
अपर आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग सत्यदेव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि भारत सरकार के इंटर मिनिस्टीरियल डेटा फॉर राइटफुल टारगेटिंग (18 केपीआई) के आधार पर 56.94 लाख संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान की गई थी। इनमें से 56.30 लाख का सत्यापन हो चुका है, जबकि 63,885 लोगों का सत्यापन अभी बाकी है। इसके अलावा 26,021 मामलों में अंतिम मंजूरी (फ्लैगिंग और लॉक) दी जानी शेष है।
विज्ञापन
जांच के दौरान 37.72 लाख लाभार्थी अपात्र पाए गए। इनमें से 35.37 लाख राशन कार्ड पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि 2.35 लाख अपात्र लाभार्थियों के कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई अभी बाकी है। अपर आयुक्त ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर यह पूरी प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट भेजी जाए। लखनऊ के जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि राजधानी में भी अभियान लगातार चल रहा है। पिछले छह महीनों में 20,871 अपात्र लाभार्थियों के नाम राशन कार्ड से हटाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अभी भी राजधानी में 500 से अधिक नए संदिग्ध अपात्र भी जांच के दायरे में आ चुके हैं। जल्द ही जांच प्रक्रिया पूरी कर उनके भी राशनकार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
गरीबों का मिलेगा लाभ
डीएसओ विचय प्रताप सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई से सरकारी राशन पर गलत तरीके से कब्जा किए बैठे अपात्र लोगों के नाम हटेंगे। इससे बचा हुआ खाद्यान्न उन गरीब और पात्र परिवारों को मिल सकेगा, जो वास्तव में इसके हकदार हैं। साथ ही फर्जी राशन कार्डों पर लगाम लगेगी, सरकारी धन की बचत होगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।