यूपी: बसपा विधायक के ठिकानों पर पड़े छापे से आया सियासी उबाल, मंत्री के निशाने पर आए एक और मंत्री
BSP MLAs Umashankar Singh: बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के दो दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे ने योगी सरकार के दो मंत्रियों को आमने-सामने लाकर खड़ा कर दिया।
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बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के दो दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे ने सूबे की सियासत में उबाल ला दिया है। आयकर विभाग की कार्रवाई पर उनके समधी व उत्तर प्रदेश सरकार में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
दिनेश प्रताप सिंह ने उमाशंकर के कैंसर पीड़ित होने के बावजूद कार्रवाई को अमानवीय करार दिया। साथ ही इसके लिए कुछ नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, हर दल के नेता, आयकर विभाग समेत सभी संस्थाओं को पता है कि उमाशंकर सिंह दो साल से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। उनका समय और पैसा सांसें बचाने में ही खर्च हो रहा है। सभी व्यवसाय लगभग बंद हैं। वह एकांतवास में हैं।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि विधानसभा सत्र विधायक के लिए अहम होता है लेकिन वह एक घंटे के लिए भी नहीं जा सके। अगर उनके जीवन को कोई हानि होती है तो इसके लिए संवेदनहीन संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। ऐसे हालात में दुर्लभतम अपराधों में भी न्यायालय दया के आधार पर याचिका स्वीकार कर दोषमुक्त कर देते हैं। प्रभु ऐसे बदले की भावना वाले नेताओं और संस्थाओं को सद्बुद्धि दें। बसपा अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर छापे दुर्भाग्यपूर्ण और मानवता के खिलाफ हैं।
खुश करने वालों के यहां नहीं पड़ता छापा : अखिलेश
आयकर छापे पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, सवाल यह नहीं है कि उमाशंकर सिंह विधायक हैं, उनके घर छापा पड़ा। वह कारोबारी हैं और उनकी मदद होनी चाहिए। जो भाजपा को खुश कर देता है, उस पर छापा नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि उमा शंकर के यहां छापा इसलिए पड़ा क्योंकि कुछ लोग जापान गए हैं। अगर जापान न जाते तो सूचना लीक हो जाती और छापा नहीं पड़ता।
दो दिन सदन में आए थे उमाशंकर
विधानसभा के बजट सत्र में उमाशंकर सिंह ने दो दिन हिस्सा लिया था। पहले दिन उन्होंने सदन में अपनी बात भी रखी थी। हालांकि दूसरे दिन स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण कुछ ही देर रहे। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया।
दयाशंकर सिंह पर तो इशारा नहीं
बलिया में उमाशंकर सिंह और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है। दोनों एकदूसरे के खिलाफ बोलते रहते हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि दिनेश प्रताप सिंह का बयान दयाशंकर सिंह की ओर इशारा कर रहा है।