UP: आईटी सिटी-वेलनेस सिटी के प्रभावितों को राहत की तैयारी, एलडीए देगा निर्माण लागत का मुआवजा; जानें डिटेल
आईटी सिटी और वेलनेस सिटी योजना से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए प्राधिकरण निर्माण लागत का मुआवजा देने की तैयारी कर रहा है। गलत जमीन पर बने मकानों के विवाद सुलझाने के साथ पंजीकरण शुल्क के लिए बैंक ऋण की नई सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे खरीदारों को लाभ मिलेगा।
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विस्तार
एलडीए आईटी सिटी और वेलनेस सिटी योजना से जुड़े उन लोगों को राहत देने की तैयारी में है, जिन्हें प्रॉपर्टी डीलरों ने गलत जमीन बेच दी थी और अब उनके मकान टूटने का खतरा बना हुआ है। एलडीए ऐसे लोगों को निर्माण लागत का मुआवजा देने का प्रस्ताव बना रहा है। यह कदम योजना को कानूनी विवादों से बचाने के लिए उठाया जा रहा है।
एलडीए सुल्तानपुर रोड पर लैंडपूलिंग नीति के तहत आईटी और वेलनेस सिटी योजना ला रहा है। इस नीति में एलडीए भूस्वामियों से निशुल्क जमीन लेकर बदले में 25 फीसदी विकसित जमीन देता है। योजना आने से पहले ही इन गांवों में 500 से अधिक मकान बन चुके हैं। इनमें से ज्यादातर मकान ग्राम समाज की जमीनों पर बने हैं।
बिल्डरों ने कागज पर सही जमीन बेची, लेकिन मौके पर गलत कब्जा दिया। ये मकान 10 से 15 साल पुराने हैं और ज्यादातर बैंक कर्ज लेकर बनाए गए हैं। अब एलडीए बिना मानचित्र निर्माण का नोटिस जारी कर तोड़ने की चेतावनी दे रहा है। ऐसे में लोग कोर्ट जाने की बात कर रहे हैं।
प्रस्ताव लाने का कारण
योजना से जुड़े जानकारों के अनुसार, लैंडपूलिंग योजना में एलडीए को जमीन आने के बाद प्लॉट देना होगा। जिन लोगों को प्रॉपर्टी डीलरों ने धोखाधड़ी से गलत जगह कब्जा दिया, लेकिन रजिस्ट्री में सही खसरा नंबर दिखाया, वहां विवाद होगा। लोग रजिस्ट्री लेकर कोर्ट जाएंगे तो मामला फंस सकता है।
इस स्थिति से बचने के लिए एलडीए बीच का रास्ता निकाल रहा है। विवाद वाली जमीनों पर बने मकानों के मालिकों को निर्माण लागत का मुआवजा दिया जाएगा। जिन लोगों के मकान सही जमीन पर हैं, उन्हें निर्माण लागत के अलावा लैंडपूलिंग के तहत प्लॉट देने का भी ऑफर दिया जा रहा है।
महंगी बिक रही जमीन, नहीं बढ़ेंगे दाम
में व्यावसायिक जमीनों की कीमतें नहीं बढ़ाएगा। इन योजनाओं में जमीनें नीलामी से बेची जा रही हैं। इसको लेकर यह चर्चा थी कि अगले महीने से एलडीए जमीनों की कीमत 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। अब एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने कहा कि अभी कीमत नहीं बढ़ाई जा रही है।
दुकान और फ्लैट का पंजीकरण कराने के लिए बैंक से मिलेगा लोन
एलडीए ने भूखंड या फ्लैट खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए नई सुविधा शुरू की है। अब पंजीकरण धनराशि के लिए भी बैंक लोन मिलेगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की पहल पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ शुक्रवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि पहले आओ-पहले पाओ योजना में फ्लैट खरीदने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण होता है। सामान्य श्रेणी के आवेदक को अनुमानित मूल्य का पांच फीसदी और आरक्षित श्रेणी को 2.5 फीसदी पंजीकरण शुल्क देना होता है।
ई-ऑक्शन में व्यावसायिक या आवासीय संपत्ति के लिए 10 फीसदी ईएमडी जमा करनी पड़ती है। लॉटरी से आवंटित होने वाले भूखंड और फ्लैट के लिए भी पंजीकरण धनराशि आवश्यक होती है। पहले बैंक केवल संपत्ति आवंटन के बाद ही ऋण देते थे। इससे कई लोग पंजीकरण शुल्क न होने के कारण आवेदन नहीं कर पाते थे। नई व्यवस्था से इच्छुक नागरिक आसानी से पंजीकरण करा सकेंगे।
कागजी कार्रवाई में बचत
एलडीए के वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि आवंटन होने पर शेष धनराशि के लिए ऋण प्रक्रिया सरल होगी। आवेदक को दोबारा विस्तृत कागजी औपचारिकताएं पूरी नहीं करनी पड़ेंगी। यदि संपत्ति का आवंटन नहीं होता है, तो एलडीए पंजीकरण धनराशि सीधे बैंक को वापस कर देगा।