यूपी: मायावती क्यों नहीं कर पा रहीं 'आकाश' पर भरोसा, हर बार मिलकर छिन जाता है पद; क्या बसपा में सबकुछ ठीक
बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया है। तीन वर्षों में यह तीसरी बार है जब उनसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वापस ली गई। मायावती ने आकाश को अभी राजनीतिक रूप से और परिपक्व होने की जरूरत बताई। विवादित बयानों, संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी नेताओं से मतभेदों को भी वजह माना जा रहा है।
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विस्तार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद पर बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया है। तीन साल में यह तीसरा मौका है, जब मायावती ने आकाश से पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वापस ली है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मायावती ने कहा कि आकाश को अभी और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है।
चुनाव में कम समय बचा है, ऐसे में उन्हें पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आकाश अभी विरोधियों के साम, दाम, दंड और भेद जैसे राजनीतिक हथकंडों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। आखिर क्या वजह है कि आकाश पर कई बार गाज गिरी। क्यों वो मायावती का भरोसा नहीं जीत पा रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इसके मुख्य कारण।
विवादित भाषण हो सकते हैं वजह
आकाश आनंद से जिम्मेदारियां वापस लेने के पीछे विवादित भाषणों को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। इन भाषणों में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अंकल कहा था। उन्होंने जेवर की जनसभा में आरक्षण खत्म करने वाले नेताओं पर भड़काऊ बयान भी दिया था। आकाश ने हाल ही में आरएसएस पर भी हमला बोला था।
जानकारों के अनुसार, युवाओं के बीच उनकी बढ़ती स्वीकार्यता कुछ बसपा नेताओं को पसंद नहीं आ रही थी। आकाश ने दल में काम न करने वाले पदाधिकारियों को भी निशाना बनाया था, जिससे उनके प्रति नाराजगी बढ़ गई थी। वह देश भर के पदाधिकारियों की अहम बैठक से नदारद रहे। सूत्रों के मुताबिक, आकाश को बैठक में बुलाया ही नहीं गया था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बहुजन समाज का हित उनके लिए सर्वोपरि है।
ईशान ने संभाला मोर्चा
आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद अपने पिता एवं दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के साथ बैठक में मौजूद थे। आकाश को किनारे किए जाने और ईशान की बैठक में मौजूदगी ने बसपा में सियासी हलचल बढ़ा दी है। मायावती जल्द ईशान को सक्रिय राजनीति में लाने की घोषणा कर सकती हैं। ईशान ने भी आकाश की तरह विदेश में पढ़ाई की है। वह इससे पहले भी बसपा की एक बैठक में शामिल हो चुके हैं।
निजी तौर पर मेरा न तो कोई अपना है और ना पराया
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उनके लिए बहुजन समाज का हित सर्वोपरि है। उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम के त्याग और संघर्ष को याद किया। कहा कि कांशीराम ने सरकारी नौकरी छोड़कर पूरा जीवन बहुजन आंदोलन को समर्पित किया। उन्होंने बसपा सुप्रीमो को शोषितों को जागरूक करने के लिए तैयार किया था।
कांशीराम ने उन्हें बसपा व बहुजन आंदोलन का राजनीतिक उत्तराधिकारी भी बनाया। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बहुजन समाज का कल्याण उनका मिशनरी लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उनका कोई अपना या पराया नहीं है। जो भी बसपा व बहुजनों के हित में दल के कार्य करेगा, उसका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांशीराम की तरह वह भी परिजनों को दल में पद देने के खिलाफ हैं।
आकाश आनंद को कब-कब जिम्मेदारी दी और कब हटाया?
10 दिसंबर 2023: उत्तराधिकारी घोषित
मायावती ने यूपी और उत्तराखंड के नेताओं की बैठक में अपने छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। साथ ही उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी दी गई।
7 मई 2024: सभी पदों से हटाया
लोकसभा चुनाव के दौरान आकाश के बयानों को लेकर मायावती ने उनसे उत्तराधिकारी और नेशनल कोऑर्डिनेटर समेत सभी जिम्मेदारियां वापस ले लीं। मायावती ने उन्हें अभी अपरिपक्व बताया था।
23 जून 2024: 47 दिन बाद वापसी
मायावती ने करीब 47 दिन बाद अपना फैसला बदलते हुए आकाश को दोबारा उत्तराधिकारी बनाया और नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंप दी।
2-3 मार्च 2025: फिर हटाया और पार्टी से बाहर किया
2 मार्च 2025 को मायावती ने आकाश से सभी जिम्मेदारियां वापस ले लीं। अगले ही दिन 3 मार्च को उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया। मायावती ने आरोप लगाया कि पश्चाताप कर परिपक्वता दिखाने के बजाय आकाश अपने ससुर के प्रभाव में स्वार्थी और अहंकारी हो गए।
13 अप्रैल 2025: माफी के बाद वापसी का रास्ता खुला
मायावती ने 13 अप्रैल को आकाश को माफ कर दिया, लेकिन स्पष्ट किया कि उन्हें दोबारा उत्तराधिकारी नहीं बनाया जाएगा।
18 मई 2025: चीफ नेशनल को-ऑर्डिनेटर बने
करीब एक महीने बाद मायावती ने आकाश को फिर बड़ी जिम्मेदारी देते हुए चीफ नेशनल को-ऑर्डिनेटर बनाया। उन्होंने इसे आकाश को दिया गया दूसरा मौका बताया।
29 अगस्त 2025: राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी
मायावती ने पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक का नया पद बनाया और आकाश आनंद को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी। इस तरह करीब दो साल के भीतर आकाश को बसपा में कई बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं, वापस ली गईं और फिर उन्हें नई भूमिका के साथ संगठन में स्थापित किया गया।