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UP: ईदुल इस्लाम से अवैध धर्मांतरण के पूरे गिरोह तक पहुंचने की तैयारी, छांगुर के लिए तैयार करता था नेटवर्क
Mon, 19 Jan 2026 08:16 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 19 Jan 2026 08:16 PM IST
सार
अवैध धर्मांतरण के मामले में ईदुल इस्लाम की गिरफ्तारी से विदेशी फंडिंग के साथ ही देश में छांगुर के मददगारों की कुंडली खुलेगी। पूछताछ के साथ ही एटीएस तकनीकी रूप से भी जांच कर रही है।
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ईदुल इस्लाम (बायें), छांगुर का अहम सहयोगी था।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
हिंदू युवतियों और महिलाओं के अवैध धर्मांतरण वाले छांगुर पीर के रैकेट के खिलाफ चल रही कार्रवाई में ईदुल इस्लाम की गिरफ्तारी के बाद मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। एटीएस ने उसे नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी मानते हुए गहन पूछताछ की तैयारी की है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर से पूछताछ के दौरान नेटवर्क की संरचना, फंडिंग और संचालन को लेकर ठोस जानकारी हाथ नहीं लग सकी थी। अब छांगुर के अहम सहयोगी ईदुल इस्लाम की गिरफ्तारी से पूरे कुनबे की परत खुलने की उम्मीद बढ़ी है।
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जांच में जुटी एक सुरक्षा एजेंसी के अनुसार छांगुर जमीनी स्तर पर गतिविधियों को संचालित करता था, वहीं ईदुल इस्लाम नेटवर्क तैयार करने का काम करता था। संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने, संस्थाओं के जरिए वैचारिक विस्तार, आर्थिक संसाधनों की व्यवस्था और नेटवर्क के संचालन का जिम्मा उसी के पास था।
पूछताछ के साथ ही एटीएस तकनीकी रूप से भी जांच कर रही है। उसके मोबाइल फोन, ई मेल अकाउंट, क्लाउड स्टोरेज व एन्क्रिप्टेड मेसेजिंग एप की भी फॉरेंसिक जांच की तैयारी है। माना जा रहा है कि डिजिटल ट्रेल से नेटवर्क के सक्रिय सदस्यों, संपर्क सूत्रों और फंडिंग चैनलों की पूरी जानकारी सामने आ सकती है।
विदेशी फंडिंग पर भी नजर: एटीएस के साथ अन्य जांच एजेंसियों का फोकस अब विदेशी फंडिंग पर ही है। शुरुआती संकेत मिले हैं कि अवैध धर्मांतरण नेटवर्क को विदेश से आर्थिक मदद मिल रही थी, जिसे विभिन्न संस्थाओं और खातों के जरिए देश में पहुंचाया जाता था। अब जांच की जा रही है कि पैसा किन देशों से आया, किन संगठनों या व्यक्तियों ने फंडिंग की और उसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में हुआ।