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एनकाउंटर मामले में यूपी पुलिस ने शुरू की सुप्रीम कोर्ट में जवाब देने की तैयारी

Tue, 03 Jul 2018 10:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 03 Jul 2018 10:09 AM IST
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up police started planning to reply supreme court notice on fake encounter
एनकाउंटर

यूपी पुलिस ने एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर जवाब देने की तैयारी शुरू कर दी है। शीर्ष अदालत ने प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद महज डेढ़ साल में हुई मुठभेड़ों पर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार का कहना है कि पुलिस महकमा सरकार की ओर से कोर्ट में अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा।

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कुमार ने बताया कि प्रदेश में योगी सरकार बनने से लेकर 15 जून 2018 तक 2,174 मुठभेड़ हुई है। इनमें 5,222 अपराधी जिंदा पकड़े गए। जबकि पुलिस पर हमला व फायरिंग के बाद की गई जवाबी कार्रवाई में 59 इनामी अपराधी मारे गए और 534 जख्मी हुए हैं।
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इन मुठभेड़ों में 4 पुलिसकर्मी शहीद हुए और 390 से अधिक जख्मी हो गए। उन्होंने बताया कि अब तक हुई मुठभेड़ों में 59 अपराधियों के मारे जाने के कुल मामले में से 25 की न्यायिक जांच पूरी हो चुकी है। इनमें से 23 मामले में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है, जिसमें से 16 को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
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एडीजी कानून व्यवस्था का कहना है कि एनकाउंटर में मारे गए अपराधियों के मामले में पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन किया गया है।

जैसे जिस थाना क्षेत्र में एनकाउंटर हुआ, उसकी जांच दूसरे थाना क्षेत्र से कराया जाना; जिसके द्वारा एनकाउंटर किया गया, उससे एक रैंक ऊपर के पुलिसकर्मी से उसकी विवेचना कराया जाना; सभी एनकाउंटर की न्यायिक जांच कराया जाना, मृतक अपराधी का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाना और 24 घंटे के अंदर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को रिपोर्ट भेजना शामिल है।

पुलिस का मकसद किसी का जान लेना नहीं 

कुमार का कहना है कि पुलिस का मकसद किसी की जान लेना नहीं होता। यही वजह है कि पिछले डेढ़ साल में 7,000 से अधिक अपराधी पकड़े गए हैं। इनसे से 2,000 से अधिक इनामी अपराधी हैं।

इसमें केवल 59 बदमाशों की ही जान गई है। उनका कहना है कि मुजफ्फरनगर के एक एनकाउंटर मामले में याचिका दाखिल की गई थी, वह भी पुलिस के जवाब के बाद खारिज हो गई थी। वहीं, मानवाधिकार आयोग ने भी जो जवाब मांगा था, उसे वह जवाब उपलब्ध करा दिया गया है। 

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