{"_id":"5f9b2d78f68efa596b6fc1fe","slug":"up-police-is-failing-to-find-ips-officers","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईपीएस अफसरों को तलाशने में नाकाम साबित हो रही यूपी पुलिस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईपीएस अफसरों को तलाशने में नाकाम साबित हो रही यूपी पुलिस
Fri, 30 Oct 2020 02:30 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 30 Oct 2020 02:30 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ्रष्टाचार व आत्महत्या के लिए उकसाने के दो अलग अलग मामलों में वांछित दो आईपीएस अफसरों को तलाशने में प्रदेश पुलिस नाकाम साबित हो रही है। इसमें एसटीएफ भी हाथ पैर मार रही है लेकिन सफलता उसे भी अब तक नहीं मिली है।
जानकारी के अनुसार पिछले जून माह में पशुपालन विभाग के नाम पर ठगी का मामला उजागर हुआ था। इसमें कई लोग गिरफ्तार हुए थे। आरोप डीआईजी अरविंद सेन पर भी लगा। अरविंद सेन पर आरोप था कि उन्होंने सीबीसीआईडी में बतौर एसपी रहते हुए पीड़ित को डराया, धमकाया और सादे पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए। इसके बदले ठगों ने उन्हें मोटी रकम अदा की। मामले की जांच हुई तो आरोप सही पाए गए जिसके बाद डीआईजी अरविंद सेन को निलंबित कर दिया गया। बाद में उन्हें कोर्ट से कुछ दिनों की राहत मिली लेकिन आखिर में कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से मना कर दिया। अब पुलिस उन्हें तलाश रही है।
इसी तरह महोबा में इंद्रकांत त्रिपाठी ने एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए। आरोप लगाने के दो दिन बाद इंद्रकांत को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। गोली लगने के पांच दिनों बाद इंद्रकांत की मौत हो गई। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने जांच में पाया कि एसपी बार-बार पैसों की मांग कर रहे थे, जिसके कारण इंद्रकांत त्रिपाठी काफी तनाव में थे और उन्होंने अपनी ही रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली थी। इस मामले में पाटीदार आरोपी बनाए गए हैं। पाटीदार को पुलिस तलाश रही है। उनके खिलाफ न्यायालय से पुलिस ने गैर जमानती वारंट भी ले लिया है। लेकिन पुलिस उन्हें अब तक तलाश करने में नाकाम साबित हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार पिछले जून माह में पशुपालन विभाग के नाम पर ठगी का मामला उजागर हुआ था। इसमें कई लोग गिरफ्तार हुए थे। आरोप डीआईजी अरविंद सेन पर भी लगा। अरविंद सेन पर आरोप था कि उन्होंने सीबीसीआईडी में बतौर एसपी रहते हुए पीड़ित को डराया, धमकाया और सादे पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए। इसके बदले ठगों ने उन्हें मोटी रकम अदा की। मामले की जांच हुई तो आरोप सही पाए गए जिसके बाद डीआईजी अरविंद सेन को निलंबित कर दिया गया। बाद में उन्हें कोर्ट से कुछ दिनों की राहत मिली लेकिन आखिर में कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से मना कर दिया। अब पुलिस उन्हें तलाश रही है।
विज्ञापन
इसी तरह महोबा में इंद्रकांत त्रिपाठी ने एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए। आरोप लगाने के दो दिन बाद इंद्रकांत को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। गोली लगने के पांच दिनों बाद इंद्रकांत की मौत हो गई। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने जांच में पाया कि एसपी बार-बार पैसों की मांग कर रहे थे, जिसके कारण इंद्रकांत त्रिपाठी काफी तनाव में थे और उन्होंने अपनी ही रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली थी। इस मामले में पाटीदार आरोपी बनाए गए हैं। पाटीदार को पुलिस तलाश रही है। उनके खिलाफ न्यायालय से पुलिस ने गैर जमानती वारंट भी ले लिया है। लेकिन पुलिस उन्हें अब तक तलाश करने में नाकाम साबित हुई है।
विज्ञापन