यूपी पुलिस में भर्ती नहीं होना चाहती महिलाएं, पढ़िए रिपोर्ट
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केंद्र सरकार ने भले ही अर्द्धसैनिक बलों और सीमा सुरक्षा बलों में महिलाओं की भागीदारी 33 प्रतिशत करने की मंजूरी दे दी हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में फोर्स में महिलाओं की भागीदारी महज नौ प्रतिशत ही है।
प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी कर महिलाओं की भर्ती का कोटा 20 प्रतिशत निर्धारित किया था, लेकिन यह लक्ष्य भी हासिल नहीं हो सका है।
डीजीपी ऑफिस से मिली जानकारी के मुताबिक सूबे में पुलिस और पीएसी के कर्मचारियों की संख्या करीब 1 लाख 65 हजार है। पीएसी में महिलाओं की भर्ती नहीं होती। पुलिस महकमे में महिलाओं की संख्या करीब 14,500 है जो कुल संख्या का लगभग नौ प्रतिशत है।
महिला स्टाफ के बिना नहीं चल सकता पुलिस का काम
महिला सम्मान प्रकोष्ठ की डीजी सुतापा सान्याल का कहना है कि कानून में ऐसे संशोधन हो गए हैं कि पुलिस का काम महिला स्टाफ के बगैर चल ही नहीं सकता।
जांच, पूछताछ, गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था में महिला स्टाफ का महत्व बढ़ता जा रहा है। महिलाओं का पुलिस फोर्स में आना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि वे संवेदनशील होती हैं। कार्यस्थल पर उनकी मौजूदगी से अनुशासन और संवेदनशीलता बनी रहती है। पीड़ित उनके सामने अपनी बात खुलकर रखते हैं।
•पुलिस-पीएसी में कुल कर्मचारी 1,65,000
•महिला कर्मचारियों की संख्या-14,500
•महिलाओं का निर्धारित कोटा-20%
•महिला कर्मचारियों की मौजूदा भागीदारी-9%
ये हैं यूपी की अकेली महिला आईपीएस
सुतापा सान्याल सूबे में पुलिस महानिदेशक पद तक पहुंचने वाली इकलौती महिला आईपीएस अधिकारी हैं। उनके अलावा आईपीएस तनुजा श्रीवास्तव एडीजी स्तर की अधिकारी हैं। बीते कुछ वर्षों में एसपी और सीओ स्तर पर भी महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ी है।
पिछले साल 4.29 प्रतिशत ही थीं महिलाएं
आरटीआई कार्यकर्ता भानुप्रिया राव के मुताबिक यूपी पुलिस में पिछले साल मात्र 4.29 प्रतिशत महिलाएं ही थीं। उन्होंने बीते वर्ष अगस्त में ऑनलाइन जारी एक लेख में यह आंकड़ा दर्शाया है।
भानुप्रिया ने विभिन्न राज्यों की पुलिस में महिलाओं के आरक्षण और सर्वाधिक व न्यूनतम संख्या वाले दस-दस राज्यों का विवरण दिया है। इसमें यूपी का नाम पुलिस में महिलाओं की न्यूनतम संख्या वाली सूची में है।
केंद्र सरकार ने फोर्स में महिलाओं का कोटा बढ़ाने का सुझाव दिया था, जिस पर विचार चल रहा है। अभी पुलिस महकमे में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत कोटा तय है। वर्तमान में जो भी भर्ती की जा रही है, उसमें महिलाओं के कोटे का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
देवाशीष पंडा, प्रमुख सचिव, गृह