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बहराइच में बवाल: महराजगंज कांड के मुख्य आरोपी व उसके बेटों की मिली लोकेशन, नेपाल भागने की फिराक में
Tue, 15 Oct 2024 06:52 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 15 Oct 2024 06:52 PM IST
सार
बहराइच में हिंसा के मुख्य आरोपी अब्दुल हामिद व उसके बेटों के बेहड़ा में छिपे होने की सूचना मिली है। आरोपी नेपाल भागने की फिराक में बताए जा रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बहराइच के महाराजगंज में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा और बवाल के मुख्य आरोपी अब्दुल हामिद व उसके बेटों के बेहड़ा में छिपे होने की सूचना मिली है। उनकी धरपकड़ के लिए एटीएस ने बेहड़ा में डेरा डाल दिया है और सघन जांच शुरू हो चुकी है। आरोपी नेपाल भागने की फिराक में बताए जा रहे हैं। जिलें में सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात है।
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पुलिस-प्रशासन की नाकामी से भड़की थी हिंसा
पुलिस-प्रशासन की नाकामी से ही बहराइच में हिंसा भड़की। प्रतिमा विसर्जन के दिन सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी थे। हिंसा होने का कोई भी इनपुट नहीं था। हैरानी यह है कि सोमवार को दूसरे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करने में अफसर नाकाम साबित हुए। इसलिए दूसरे दिन बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी हुई। पूरे मामले में पुलिस का खूफिया तंत्र फेल रहा। पूरे घटनाक्रम में एडीजी जोन से लेकर आईजी और एसपी बहराइच सवालों के घेरे में हैं।
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नाकामी पर नाकामी: पहले दिन हिंसा के बाद भी नहीं हो सके इंतजाम
रविवार को पहले दिन हिंसा के बाद मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लिया था। उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये थे। अफसरों ने दावा किया था कि अब सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। लेकिन सोमवार सुबह जब रामगोपाल का शव घर पहुंचा तो उसके बाद कई घंटे तक गांवों और कस्बों में तोड़फोड़, आगजनी और अराजकता होती रही। दोपहर बाद जब एडीजी एलओ ने मोर्चा संभाला तब जाकर कुछ माहौल शांत हुआ। सवाल है कि आखिर पहले दिन हिंसा के बाद दूसरे दिन लापरवाही क्यों बरती गई? पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती क्यों नहीं की गई? ऐसे तमाम सवाल पुलिस पर उठ रहे हैं।