यूपी: अपार्टमेंट का पिलर टूटते ही लोग भागे, ईंट लगाकर दिया सहारा; एनडीआरएफ ने 25 परिवारों को बाहर निकाला
लखनऊ के गोलागंज स्थित एसए अपार्टमेंट का पिलर टूटने के बाद बिल्डिंग हिलने लगी, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। प्रशासन ने 25 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला और 50 मीटर क्षेत्र सील कर दिया। ईंटों से बिल्डिंग को सहारा दिया गया। पेंट हाउस निर्माण और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठे।
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लखनऊ में गोलागंज के बारूदखाना में मंगलवार सुबह तेज आवाज के साथ एसए अपार्टमेंट का पिलर टूट गया। बिल्डिंग के हिलने पर अंदर मौजूद लोगों को भूकंप आने की आशंका हुई। इसके बाद लोग परिवार समेत अपार्टमेंट से भागकर बाहर निकले। घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। इसके बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई। बिल्डिंग से 25 परिवारों को बाहर निकाला गया। सुरक्षा के लिहाज से अपार्टमेंट के 50 मीटर के दायरे का इलाका सील कर दूसरी बिल्डिंग भी खाली करा दी गई।
बिल्डिंग में कुल 24 फ्लैट हैं, जिसमें करीब 150 लोग निवास करते हैं। स्थानीय निवासी वकील अहमद ने अपने साथी शहाबुद्दीन के साथ मिलकर वर्ष 2011 में बिल्डिंग का निर्माण किया था। पहले तल पर ज्योति रहती हैं, जिनके अपार्टमेंट के नीचे का पिलर टूटा है। घटना के समय ज्योति ऑफिस में थीं। घर पर उनके पति मौजूद थे। दूसरे तल पर मसूद जिलानी रहते हैं, जबकि तीसरे पर आसिफ हाशमी परिवार के साथ निवास करते हैं।
अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने बताया कि अचानक तेज कंपनी हुआ, जिसके बाद सभी लोग जिस हालत में थे वैसे ही बिल्डिंग से बाहर निकल आए। दहशत इतनी थी कि लोगों को दरवाजा बंद करने का भी विचार नहीं आया। बिल्डर ने नीचे अपना ऑफिस भी बना रखा है। हालांकि, घटना के बाद कर्मचारी दफ्तर बंद कर भाग निकले।
स्थानीय लोगों की सूचना पर इंस्पेक्टर वजीरगंज मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद डीएम विशाख जी और जेसीपी कानून व्यवस्था वहां पहुंचे। एलडीए, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्य शुरू किया। आननफानन ईंटें मंगवाई गईं और बिल्डिंग को सहारा दिया गया। घटना की जानकारी पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी वहां पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया।
पेंट हाउस निर्माण के बाद आई दिक्कत
बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने बताया छठवें तल पर पेंट हाउस बनाया गया है। पेंट हाउस बनने के बाद से बिल्डिंग में दिक्कत बढ़ी है। करीब एक साल से समस्याएं आ रही थीं। लगातार पानी भी रीस रहा था। पेंट हाउस में आमिर रहते हैं। वहीं, पांचवे तल पर रिजवान, डॉक्टर यू ए लोहानी व अन्य रहते हैं।
अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने बताया कि एक वाट्स एप ग्रुप बना हुआ है। हर माह मेंटेनेंस के लिए 1500 रुपये दिए जाते हैं। देखरेख का काम मुकेश सक्सेना और मसूद जिलानी के पास है। पैसे भी इन्हें ही दिए जाते हैं। आरोप है कि ग्रुप में कई दिनों से बिल्डिंग के जर्जर होने का मेसेज चल रहा था। बावजूद इसके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। बिल्डर ने भी इस दिशा में ध्यान देने की बात कही थी।
घरेलू सामान, कपड़े, नगदी सब भीतर कैद
बिल्डिंग गिरने की आशंका के चलते किसी को भी भीतर जाने की अनुमति नहीं है। 25 परिवार के लोगों का सारा सामान भीतर कैद है। लोगों के पास न तो घरेलू सामग्री है न कपड़े। नगदी व जेवर भी अपार्टमेंट के भीतर कैद है। पीड़ितों ने बुजुर्गों व बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया। अपार्टमेंट में रहने वाले लोग बिल्डिंग की निगरानी कर रहे हैं।
घटना के बाद पड़ोस की बिल्डिंग में रहने वाले लोग भी बाहर निकल आए। प्रशासन ने दूसरी बिल्डिंग को भी खाली करा दिया। 50 मीटर के इलाके को सील कर दिया गया है। बिल्डिंग में रहने वाले मो. फरहान, मो. हसीब और इसरार ने कहा कि पूरी गृहस्थी बंद पड़ी है। परिवार को लेकर कहां जाएं समझ में नहीं आ रहा। जीवन भर की कमाई दांव पर लग गई है।