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UP: इधर बन रहा बिजली आपूर्ति का रिकॉर्ड, उधर गांवों में हो रही कटौती... लोकल फॉल्ट भी कर रहे परेशान
Fri, 13 Jun 2025 09:29 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 13 Jun 2025 09:29 AM IST
सार
उपभोक्ता परिषद का दावा है कि प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक कटौती की जा रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश में एक तरफ रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है तो दूसरी तरफ ग्रामीण इलाके में रोस्टर से भी 30 से 40 मिनट कम बिजली दी जा रही है। लोकल फॉल्ट अलग से हैं। ऐसे में बिजली उपभोक्ता परेशान हैं। प्रदेश में बिजली की मांग 31486 मेगावाट पहुंच गई है। दावा है कि उपभोक्ताओं की मांग पूरी की जा रही है, जबकि हकीकत अलग है।
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पॉवर कॉर्पोरेशन की ओर से तय किए गए रोस्टर के अनुसार भी बिजली नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण इलाके में 18 घंटे का रोस्टर है, जबकि आपूर्ति 17 घंटे 26 मिनट हुई। इसी तरह नगर पंचायत में 21 घंटे 30 मिनट की जगह केवल 21 घंटे, बुंदेलखंड में 20 घंटे की जगह 19 घंटे 30 मिनट बिजली आपूर्ति की गई। लोकल फॉल्ट अलग से रहा। ऐसे में भीषण गर्मी में उपभोक्ता परेशान रहे।
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विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि नियमों के तहत उत्तर प्रदेश के हर उपभोक्ता को 24 घंटे बिजली मिलनी चाहिए, लेकिन ऊर्जा विभाग ने रोस्टर प्रणाली लागू कर रखा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री रिकॉर्ड आपूर्ति पर जश्न मना रहे हैं, लेकिन वह यह भी बताएं कि यह रिकॉर्ड आपूर्ति कितने घंटे की हुई? क्योंकि जैसे ही मांग का रिकॉर्ड बना, वैसे ही विभिन्न इलाके में ब्रेकडाउन होने लगा। फिर आपूर्ति का ग्राफ नीचे आ जाता है। ऐसे में चंद मिनट का ही रिकॉर्ड बनता है। विभागीय आंकड़े खुद इसकी गवाही दे रहे हैं।