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UP: अब छोटे और पिछड़े जिलों में खुलेंगे बड़े औद्योगिक केंद्र, स्थानीय उत्पादों वाले उद्योगों को बढ़ाया जाएगा
Fri, 03 Apr 2026 08:30 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Fri, 03 Apr 2026 08:30 AM IST
सार
नई रणनीति के तहत औद्योगिक विकास को संतुलित करने की कवायद की जा रही है। इससे हाथरस-बाराबंकी समेत कई अन्य जिलों को फायदा मिलेगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को संतुलित करने के लिए छोटे व पिछड़े जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की रणनीति बनाई गई है। उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने बलिया, हाथरस, फतेहपुर, बाराबंकी और चित्रकूट जैसे जिलों में बड़े औद्योगिक केंद्र विकसित करने के लिए हालिया फैसलों के साथ पहले के निर्णयों को भी जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है।
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राज्य सरकार पहले से ही औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत छोटे और पिछड़े जिलों में निवेश करने वाले उद्यमियों को अतिरिक्त सब्सिडी, सस्ती जमीन और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसे लाभ दे रही।
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ओडीओपी योजना के जरिये स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम हो रहा है। यूपीसीडा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में कई छोटे जिलों में मिनी औद्योगिक एस्टेट और फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजनाओं को विस्तार देते हुए बड़े औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि बलिया, हाथरस, फतेहपुर, बाराबंकी और चित्रकूट के औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए कुछ शर्तों में ढील दी गई है। तलपट (लेआउट) मानचित्रों में संशोधन के निर्देश देते हुए उन्हें स्वीकृति दे दी गई है। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। पहले से बंद औद्योगिक इकाइयों और कताई मिलों की जमीन के पुनः उपयोग में लाने का फैसला भी लागू करना शुरू कर दिया गया है।
बड़े शहरों पर औद्योगिक दबाव कम करने की रणनीति : छोटे जिलों में उद्योग स्थापित करने से न सिर्फ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बड़े शहरों पर बढ़ता औद्योगिक दबाव भी कम होगा। यही नहीं पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में निवेश का संतुलित वितरण सुनिश्चित होगा। सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में छोटे जिलों में निवेशकों के लिए विशेष रोड शो और निवेश आमंत्रण कार्यक्रम भी होंगे।