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यूपी: अब वैदिक गणित और महिला स्वास्थ्य की पढ़ाई भी करेंगे इंजीनियर, संगीत और संस्कृत की भी ले सकेंगे शिक्षा
Wed, 20 Aug 2025 08:05 AM IST
रोहित मिश्र
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 20 Aug 2025 08:05 AM IST
सार
Engineering Colleges: यूपी के 750 से अधिक सरकारी व निजी इंजीनियरिंग, प्रबंधन व फार्मेसी संस्थानों के सिलेबस में बदलाव किया जा रहा है। अब उनकी रुचियां भी इसमें शामिल होंगी।
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छात्रों के सिलेबस में होगा बदलाव। डेमो पिक।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
प्रदेश के 750 से अधिक सरकारी व निजी इंजीनियरिंग, प्रबंधन व फार्मेसी संस्थानों में बीटेक, मैनेजमेंट व फार्मेसी के छात्र अब वैदिक गणित, भारतीय ज्ञान प्रणाली, वसुधैव कुटुंबकम, खगोल विज्ञान, ज्योतिष, भारतीय संगीत व महिला स्वास्थ्य से जुड़ी विषयों की पढ़ाई करेंगे। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत माइनर व इलेक्टिव कोर्स के रूप में इनकी शुरुआत इसी सत्र से करने जा रहा है।
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विवि की हाल ही में हुई विद्या परिषद की बैठक में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू करने को हरी झंडी दी गई है। इसके तहत इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी के छात्रों को मुख्य विषय की पढ़ाई के साथ ही बहुमुखी विकास के लिए अन्य क्षेत्र की जानकारी भी कराई जाएगी। इसमें वे वैदिक गणित, संगीत, संस्कृत, विज्ञान, टाउन प्लानिंग एंड ऑर्किटेक्चर, वेलनेस एंड साइकोलॉजी आदि विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे।
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इसके लिए विवि के घटक संस्थानों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए जाएंगे। इसकी शुरुआत फैकेल्टी ऑफ ऑर्किटेक्चर एंड प्लानिंग (एफओएपी) से होगी। इसके लिए 50 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस सेंटर से अन्य संस्थानों के छात्र ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे। इसी तरह राजभवन की पहल पर महिला स्वास्थ्य से जुड़ी पढ़ाई भी माइनर कोर्स के रूप में की जा सकेगी। इसके लिए विवि ने तैयारी पूरी कर ली है।
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विवि प्रशासन के मुताबिक एफओएपी के बाद अन्य घटक संस्थानों में भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने की तैयारी है। इसी क्रम में कई प्रमुख औद्योगिक संस्थानों के साथ मिलकर दर्जन भर माइनर कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इससे युवा उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार व समायोजित भी होंगे।
अंतरिक्ष विज्ञान में भी चलेगा माइनर कोर्स
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने वैल्यू एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए कुछ मॉडल कॅरिकुलम तैयार किए हैं। इसी क्रम में अंतरिक्ष विज्ञान में माइनर कोर्स शुरू किया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है। ऐसे कोर्स करने के बाद छात्रों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
अपनी जड़ों से जुड़ सकेंगे छात्र
भारतीय ज्ञान प्रणाली, समृद्ध सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपराओं का संग्रह है। इसमें दर्शन, विज्ञान, कला, चिकित्सा और गणित जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसको एनईपी में शामिल किया गया है ताकि छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़ा जा सके। इसी क्रम में विवि में यह कोर्स शुरू किया जा रहा है। -प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति, एकेटीयू
अपनी जड़ों से जुड़ सकेंगे छात्र
भारतीय ज्ञान प्रणाली, समृद्ध सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपराओं का संग्रह है। इसमें दर्शन, विज्ञान, कला, चिकित्सा और गणित जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसको एनईपी में शामिल किया गया है ताकि छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़ा जा सके। इसी क्रम में विवि में यह कोर्स शुरू किया जा रहा है। -प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति, एकेटीयू