फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Now a farmer will get only one Kisan Credit Card

यूपी: अब एक किसान को मिलेगा एक ही किसान क्रेडिट कार्ड, एक से अधिक होने पर किए जाएंगे कैंसिल

Sat, 02 Sep 2023 09:36 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 02 Sep 2023 09:36 PM IST
सार

किसान क्रेडिट कार्ड देने में कोआपरेटिव बैंकों की खराब स्थिति पर आरबीआई और नाबार्ड ने चिंता जताई है। अप्रैल से जून के बीच तीन महीने में 32 फीसदी लक्ष्य किसान क्रेडिट कार्ड का पूरा हो सका है।

विज्ञापन
UP: Now a farmer will get only one Kisan Credit Card
केसीसी किसान के कई मौकों पर काम आता है। खासकर उस पर आने वाली समस्याओं के लिए। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अधिसूचित फसलों में एक किसान को एक ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) देने के निर्देश जारी किए गए हैं। बड़ी संख्या में एक ही नाम पर कई-कई केसीसी हैं। जिनकी पहचान कर कैंसिल किया जाएगा। बैंकों से कहा गया है कि पशुपालन और मछली पालन से जुड़े किसानों को भी केसीसी जारी करने में तेजी लाने के साथ प्राथमिकता पर दिए जाएं।

विज्ञापन


आधार से खाते जुड़ने के साथ ही सामने आने लगा है कि बड़ी संख्या में किसानों ने अलग-अलग बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड ले रखे हैं। एक किसान-एक केसीसी के नियमों के तहत एक से ज्यादा कार्ड धारकों के केसीसी निरस्त किए जाएंगे। साथ ही बैंकों दवारा पशुपालक और मछली पालकों को केसीसी कार्ड देने की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई है।
विज्ञापन


किसान क्रेडिट कार्ड देने में कोआपरेटिव बैंकों की खराब स्थिति पर आरबीआई और नाबार्ड ने चिंता जताई है। अप्रैल से जून के बीच तीन महीने में 32 फीसदी लक्ष्य किसान क्रेडिट कार्ड का पूरा हो सका है। सरकारी योजनाओं में निजी बैंकों की कमजोर भागीदारी पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि इसे लेकर निजी बैंकों में गंभीरता का अभाव है, जिसे दूर करने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बढ़ रहा कारोबारी माहौल, लोन लेने वाले बढ़ेबैंकों में लोन की संख्या बढ़ने को औद्योगिक निवेश और प्रगति का सूचकांक माना जाता है। इस साल जून के अंत तक बैंकों का ऋण-जमा प्रवाह 55 फीसदी से ज्यादा रहा है, जो पिछले साल से करीब 1.5 फीसदी ज्यादा है। केवल 11 जिले ऐसे रह गए हैं जहां ऋण और जमा का अनुपात 40 फीसदी से कम है।


 इस साल बैंकों को प्रदेश में 3.48 लाख करोड़ देने का लक्ष्य दिया गया है। अप्रैल से जून के बीच 1.24 लाख करोड़ लोन के रूप में दिए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री जनधन खाते में भी प्रदेश ने रिकार्ड बनाया है। अभी तक 8.80 करोड़ खाते प्रदेश में खोले जा चुके हैं। केवल तीन महीने में जनधन के 13 लाख खाते बैंकों ने खोले हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed