UP: नोएडा एयरपोर्ट बनेगा कमाई का सुपरहब, 30 साल में एक लाख करोड़ की उड़ान; यात्रियों से हर उड़ान पर होगी आय
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सरकार की आय का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। अनुमान है कि अगले 30 वर्षों में इससे एक लाख करोड़ रुपये तक कमाई हो सकती है। प्रति यात्री लगभग 496 रुपये आय होगी। एयरपोर्ट के साथ आसपास के क्षेत्रों में निवेश, उद्योग और जमीन की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के साथ सरकार की आय का बड़ा स्रोत बनने जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) को प्रति यात्री लगभग 496 रुपये की आय होगी।
अनुमान है कि अगले 30 वर्षों में इस एयरपोर्ट से कुल कमाई एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। एयरपोर्ट परियोजना के चलते आसपास के क्षेत्रों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है। अब केवल जमीन लेकर उसे खाली रखने वाले उद्योगों पर सख्ती की जा रही है।
ऐसे मामलों में जमीन वापस ली जा रही है और तय समय पर इकाई स्थापित करने वाले उद्यमियों को प्राथमिकता दी जा रही है। यह जानकारी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने 'अमर उजाला' से विशेष बातचीत में दी। 24 अप्रैल को यीडा ने अपनी सिल्वर जुबली मनाई। पिछले एक वर्ष में विकास की गति में उल्लेखनीय तेजी आई है। नक्शा स्वीकृतियों की संख्या 33 से बढ़कर 400 हो गई है।
इकाइयों की संख्या 120 से बढ़कर 350 हो गई
33 बड़ी इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि निर्माणाधीन इकाइयों की संख्या 120 से बढ़कर 350 हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक पिछले 24 वर्षों में 3048 भूखंड आवंटित किए गए थे, जबकि पिछले एक वर्ष में ही 78 नए आवंटन किए गए।
इन भूखंडों के लिए 220 कंपनियों ने आवेदन किया था। आवंटन पाने वालों में मिंडा, फिल्म सिटी, अंबर और एसेंट जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। पिछले 24 वर्षों में 2250 लीज प्लान जारी किए गए थे, जबकि केवल एक वर्ष में लगभग 500 नए प्लान को मंजूरी दी गई है।
अगले एक वर्ष में यीडा क्षेत्र का आकार नोएडा और ग्रेटर नोएडा से भी बड़ा होने की संभावना है। वर्तमान में 800 इकाइयों के नक्शे पास हो चुके हैं, जिनमें से 400 इकाइयां जल्द ही जमीन पर उतरेंगी। मुकदमेबाजी कम करने के लिए भी विशेष कार्ययोजना लागू की गई है, जिसके चलते हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या 3000 से घटकर 600 रह गई है।
फार्मा और मेडिकल डिवाइस पार्क पर फोकस
ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है, जबकि यमुना सिटी में मेडिकल डिवाइस पार्क आकार ले रहा है। यहां दवाओं के बजाय इम्प्लांट्स, रेडियोलॉजी और एनेस्थीसिया से जुड़े उपकरण बनाए जाएंगे। लगभग 50% क्षेत्र अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए निर्धारित किया गया है। प्राधिकरण का दावा है कि यह पार्क 18 महीनों में तैयार हो जाएगा।
अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम सामने आए
यीडा के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ यमुना सिटी क्षेत्र का तेजी से विकास हुआ है। केवल जमीन लेकर काम न करने वाली इकाइयों पर सख्ती के अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट वर्ष 2060-61 तक एक लाख करोड़ रुपये की आय वाला केंद्र बनेगा।