Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Nikay Chunav: The credibility of three veteran ministers at stake in Shahjahanpur

UP Nikay Chunav : शाहजहांपुर में तीन दिग्गज मंत्रियों की साख दांव पर, पहली बार हो रहा है नगर निगम में चुनाव

Thu, 13 Apr 2023 06:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा सचिन मुद्गल, लखनऊ
सचिन मुद्गल, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 13 Apr 2023 06:24 AM IST
सार

17वें नगर निगम में पार्टी को खतरे से पार निकालने के लिए योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद और सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर की साख दांव पर हैं।

विज्ञापन
UP Nikay Chunav: The credibility of three veteran ministers at stake in Shahjahanpur
निकाय चुनाव। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रदेश की नवगठित शाहजहांपुर नगर निगम में पहली बार महापौर और पार्षद पद के लिए चुनाव होगा। 17वें नगर निगम में पार्टी को खतरे से पार निकालने के लिए योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद और सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर की साख दांव पर हैं।
विज्ञापन


शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद में बीते चार चुनाव से लगातार समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा है। 2017 में सपा की जहांआरा पालिका अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। लेकिन चुनाव के पांच-छह महीने बाद ही नगर निगम का गठन होने से पालिका बोर्ड भंग कर दिया गया था। उससे पहले तीन बार सपा नेता तनवीर खान पालिका अध्यक्ष रहे हैं।
विज्ञापन


शाहजहांपुर नगर निगम में महापौर का पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। सपा और भाजपा दोनों ही दलों के पास ओबीसी में कोई बड़ा चर्चित चेहरा महापौर पद के दावेदार के रूप में सामने नहीं आया है। शाहजहांपुर नगर निगम चुनाव में करीब 3.26 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें सर्वाधिक मतदाता मुस्लिम समुदाय से हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब एक लाख है। मुस्लिम के बाद दूसरा सबसे बड़ा वोट बैंक दलित वर्ग का है। दलित वर्ग के भी करीब 70 हजार से अधिक मतदाता हैं। तीसरे स्थान पर वैश्य (गुप्ता ओबीसी) मतदाता हैं। वैश्य समाज के 60 हजार से अधिक मतदाता हैं। ब्राह्मण, ठाकुर, यादव, लोधी समाज के मतदाताओं की संख्या 10 से 25 हजार के बीच आंकी जाती है। ऐसे में परंपरागत वोट बैंक के लिहाज से शाहजहांपुर में सपा और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शाहजहांपुर उन चंद जिलों में से हैं जहां से तीन-तीन मंत्री सरकार में जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना खुद कभी चुनाव नहीं हारे हैं, लगातार आठ बार से विधानसभा के सदस्य हैं। प्रदेश सरकार में वित्त एवं ससंदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान उनके पास है। माना जाता है कि शाहजहांपुर में भाजपा की स्थानीय राजनीति में खन्ना की सहमति के बिना कुछ संभव नहीं है।

वहीं कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए जितिन प्रसाद को योगी सरकार में लगातार दूसरी बार मंत्री बनाया गया है। जितिन को पीडब्ल्यूडी जैसे विभाग की जिम्मेदारी सौंपकर पार्टी ने उनका कद बढ़ाया है। जितिन के परिवार की शाहजहांपुर में पुरानी राजनीतिक विरासत है। योगी सरकार में सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर भी शाहजहांपुर से ही हैं। 

राठौर का भी शाहजहांपुर में ठाकुर समाज सहित अन्य समाजों में प्रभुत्व है। पार्टी की प्रदेश टीम में शाहजहांपुर से कोई प्रदेश पदाधिकारी नहीं हैं। लिहाजा निगम चुनाव में जीत का दारोमदार न केवल इन तीनों मंत्रियों पर हैं, बल्कि चुनाव में इनकी भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। चुनाव परिणाम का आकलन इस आधार पर भी किया जाएगा, कि जिस जिले से सरकार में तीन-तीन मंत्री हैं, वहां परिणाम सरकार और संगठन की अपेक्षा के मुताबिक मिला या नहीं।


महापौर के साथ वार्ड में भी बढ़त जरूरी
शाहजहांपुर नगर निगम में वार्ड की संख्या 60 हो गई है। भाजपा के सामने महापौर चुनाव जीतने के साथ वार्डों के चुनाव में भी बहुमत हासिल करना चुनौतीपूर्ण है। जानकार मानते हैं कि चुनाव परिणाम के बाद विश्लेषकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि नगर पालिका को नगर निगम में क्रमोन्नत करना राजनीतिक लाभ के लिहाज से सरकार का उचित निर्णय था या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed