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UP News : चीनी उत्पादन में यूपी का शतक, पेराई अभी चालू, 105 लाख टन चीनी बनाकर महाराष्ट्र में बंद हो गई हैं मिल
Fri, 28 Apr 2023 03:18 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 28 Apr 2023 03:18 PM IST
सार
यूपी के लिए अच्छी बात यह है कि यहां अभी 49 चीनी मिलें पेराई कर रही हैं जबकि महाराष्ट्र में 105 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन करने के बाद चीनी मिलें बंद हो गई हैं।
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सांकेतिक
विस्तार
उत्तर प्रदेश ने चीनी उत्पादन में इस साल भी शतक लगा दिया है। प्रदेश में इस समय तक101 लाख मीट्रिक चीनी का उत्पादन टन हो गया है जबकि पिछले वर्ष इसी समय तक 98 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हुआ था। यूपी के लिए अच्छी बात यह है कि यहां अभी 49 चीनी मिलें पेराई कर रही हैं जबकि महाराष्ट्र में 105 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन करने के बाद चीनी मिलें बंद हो गई हैं।
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यूपी में 119 चीनी मिलें इस सत्र में पेराई कर रही थीं। अपर मुख्य सचिव गन्ना संजय आर भूसरेड्डी के मुताबिक अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह तक पिछले साल यूपी में 965 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई थी। इस साल इसी सप्ताह तक 1045 लाख मीट्रिक टन गन्ना पेर दिया गया है। इससे लाभ यह हुआ है कि चीनी का उत्पादन भी 100 लाख मीट्रिक टन के पार चला गया है।
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चीनी के उत्पादन में इस बार महाराष्ट्र और यूपी के बीच जमकर प्रतिस्पर्धा हो रही थी। महाराष्ट्र में गन्ना सत्र समाप्त हो गया है और वहां मिलें बंद हो गई हैं। यहां मिलें अभी चल रही हैं तो उसका लाभ यूपी को हो सकता है। चीनी के उत्पादन में भले ही यूपी महाराष्ट्र से आगे निकले, न निकले पर बराबरी पर पहुंचने की पूरी संभावना है।
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एथनॉल में भी छलांग
उत्तर प्रदेश उत्पादन में यूपी लगातार आगे बढ़ रहा है। पिछले वर्ष इस माह के आखिरी सप्ताह तक 100 करोड़ लीटर एथनॉल बना था जबकि इस साल अब तक 118 करोड़ लीटर एथनॉल बन चुका है। उप्र शुगर मिल एसोसिएशन के महासचिव दीपक गुप्तारा कहते हैं कि 158 करोड़ लीटर एथनॉल के आर्डर मिल चुके हैं और इतना एथनॉल तो बनेगा ही। यह आंकड़ा इससे ज्यादा भी हो सकता है। इसके अलावा रिकवरी में भी इजाफा हो रहा है। बिना बी हैवी माॅलिस पद्धति के इस बार इस समय गन्ने में चीनी की 11.45 प्रतिशत रिकवरी आ रही है जबकि पिछले साल रिकवरी 11.31 प्रतिशत थी।
निवेश से और बढ़ेगा एथनॉल निर्माण
लखनऊ में हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन में शराब इंडस्ट्री में 32 हजार करोड़ के निवेश की घोषणा की गई। इससे शुगर इंडस्ट्री उत्साहित है। एथनॉल के उत्पादन, नई डिस्टलरी लगाने पर सरकार का जोर है। उत्तर प्रदेश सालाना लगभग 175 करोड़ लीटर एथनॉल उत्पादन की क्षमता है। केंद्र सरकार फ्यूल में ज्यादा से ज्यादा एथनॉल मिश्रण पर जोर दे रही है तो यूपी में इन निवेशों की पेशकश के बाद ये संभावनाएं और बढ़ रही हैं।
जैव ईंधन पर नीति आयोग की राष्ट्रीय नीति के अनुसार 2025-26 तक फ्यूल में 20 प्रतिशत सम्मिश्रण प्रतिशत का लक्ष्य है। वर्तमान में यह 10 प्रतिशत है। ऐसे में यूपी में एथनॉल के जरिए इंडस्ट्री को लाभ मिल रहा है जिसका सकारात्मक असर किसानों पर भी पड़ रहा है। इसका असर यह रहा है कि गन्ना किसानों को भी अब तक गन्ने का 2.09 लाख करोड़ रुपये भुगतान हो चुका है। यह लगभग 77 प्रतिशत से अधिक है।