UP News : गोंडा मेडिकल कॉलेज के दो एक्सरे टेक्नीशियन निलंबित, अनियमितता के मामले में जेई व लेखाकार बर्खास्त
उपभोक्ताओं से मिले 53 लाख रुपये निगम के खाते में जमा न करने और हेराफेरी के मामले में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अवर अभियंता और लेखाकार को बर्खास्त कर दिया गया है। एक अधीक्षण अभियंता, दो अधिशासी अभियंता, एक उपखंड अधिकारी सहित नौ के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय गोंडा के दो एक्सरे टेक्नीशियनों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया में रिश्वत लेते के वीडियो वायरल होने के बाद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर की गई है। गोंडा के बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज में तब्दील किया गया है। यहां कार्यरत एक्सरे टेक्नीशियन अशोक कुमार सिंह और अमित पांडेय का बीते दिनों एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें धन उगाही स्पष्ट हो रही है। इस वीडियो को संज्ञान में लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। इस पर दोनों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।
इसी तरह उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने फिरोजाबाद में आईफ्लू के मामले सामने आने के बाद सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं। उन्होंने सीएमओ से कहा कि सभी अस्पतालों को अलर्ट जारी कर दिया जाए। सभी मरीजों को बेहतर व निःशुल्क इलाज मुहैया कराया जाए। इसी तरह बदायूं स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में चूहों से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चूहों से वार्ड व आईसीयू-वेंटिलेटर यूनिट में बचाव के इंतजाम किए जाएं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। तीन दिन में चूहों से निपटने के क्या इंतजाम किए गए। इसकी पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
एक अधीक्षण अभियंता, दो अधिशासी अभियंता, एक उपखंड अधिकारी सहित नौ के खिलाफ भी कार्रवाई
उपभोक्ताओं से मिले 53 लाख रुपये निगम के खाते में जमा न करने और हेराफेरी के मामले में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अवर अभियंता और लेखाकार को बर्खास्त कर दिया गया है। एक अधीक्षण अभियंता, दो अधिशासी अभियंता, एक उपखंड अधिकारी सहित नौ के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन से वसूली की जाएगी, जबकि एसडीओ की पदावनति का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर सोमवार को पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष एम देवराज ने की।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में कार्यरत अवर अभियंता संजीव कुमार यादव ने अक्टूबर 2018 से 2019 के बीच उपभोक्ताओं की ओर से जमा किए गए धनराशि निगम के खाते में जमा नहीं किया। इस मामले में तीन सितंबर 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई। जांच आख्या के आधार पर पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष एम देवराज ने सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसमें तत्कालीन अवर अभियंतता संजीव कुमार यादव तथा लेखाकार एमपी सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है।
बलरामपुर के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ललित कुमार सेवानिवृत्त हो गए हैं। ऐसे में उनके पेंशन से 30 प्रतिशत और तत्कालीन अधिशासी अभियंता रमेशचंद्र की पेंशन से 50 प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया है। तत्कालीन अधिशासी अभियंता बालकृष्ण को परिनिंदा तथा दो वेतन वृद्धि स्थाई रूप से रोकने, तत्कालीन उपखंड अधिकारी प्रशांत शेखर श्रीवास्तव को परिनिंदा तथा सहायक अभियंता के मूल वेतन पर पदावनाति करने का आदेश दिया है। कार्यालय के सत्कालिन सहायक रोकड़िया नवल किशोर श्रीवास्तव, पवन कुमार एवं सुधांशु सिंह को परिनिंदा तथा कार्यालय सहायक के प्रारंभिक मूल वेतन पर पदावनत कर दिया गया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जांच रिपोर्ट और दोषियों का पक्ष सुनने के बाद यह कार्रवाई की गई है। विभाग में कोई भी कर्मी वित्तीय अनियमितता करेगा और निगम को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ विधि संगत कठोर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई की जद में आने वाले कर्मियों ने गंभीर वित्तीय हेराफेरी की है। निगम में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। मुख्यमंत्री व ऊर्जामंत्री के स्पष्ट आदेश है कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। - एम देवराज, अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन