फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP News: Smart meters will not be charged from consumers

UP News : उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा स्मार्ट मीटर का चार्ज, कंपनियों को मिलेगा 900 से 1350 रुपया अनुदान

Thu, 28 Sep 2023 08:22 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 28 Sep 2023 08:22 PM IST
सार

ऊर्जा मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि विद्युत उपभोक्ताओं से किसी भी कीमत पर स्मार्ट मीटर का चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके एवज में ऊर्जा मंत्रालय विद्युत कंपनियों को 900 से 1350 रुपये तक अनुदान देगा।

विज्ञापन
UP News: Smart meters will not be charged from consumers
स्मार्ट मीटर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। उन पर स्मार्ट मीटर का खर्च देने का मंडरा रहा खतरा खत्म हो गया है। अब ऊर्जा मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि विद्युत उपभोक्ताओं से किसी भी कीमत पर स्मार्ट मीटर का चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके एवज में ऊर्जा मंत्रालय विद्युत कंपनियों को 900 से 1350 रुपये तक अनुदान देगा।

विज्ञापन


प्रदेश में करीब 25 हजार करोड़ की लागत से तीन करोड़ स्मार्ट मीटर लगने हैं। इसे लेकर टेंडर प्रक्रिया चल रही है। यहां अब तक 12 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। ऐसे में विद्युत वितरण निगम की ओर से हर साल टैरिफ प्लान में स्मार्ट मीटर का खर्च उपभोक्ताओं पर डालने का प्रस्ताव दिया जाता है, लेकिन चार साल से यह प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग खारिज करता रहा है। ऐसे में नियामक आयोग के फैसले के खिलाफ निगमों ने अपीलीय ट्रिब्यूनल में मुकदमा भी दाखिल कर रखा है। अब ऊर्जा मंत्रालय ने 16 सितंबर को सभी विद्युत नियामक आयोग को आदेश दिया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर आने वाला खर्च किसी भी रूप में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा। क्योंकि यह पूरी योजना आत्मनिर्भर योजना के अंतर्गत आती है, जिस पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय 900 से 1350 रुपए प्रति मीटर अनुदान देगा।
विज्ञापन


केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने अपने आदेश में यह भी लिखा है कि उत्तर प्रदेश में जो स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं, उससे बिजली कंपनियों को 18 से 40 रुपया प्रति मीटर फायदा हो रहा है। ऊर्जा मंत्रालय ने राज्यों के नियामक आयोग के साथ ही पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को भी पत्र भेजा है। पत्र पहुंचने के बाद पावर कॉरपोरेशन ने प्रदेश के सभी विद्युत वितरण निगमों को आदेश देना शुरू कर दिया है। पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार का कहना है कि मंत्रालय का जो भी आदेश है, उसका पालन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लंबे समय से चल रही है जोर आजमाइश
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा विद्युत वितरण निगमों की ओर से स्मार्ट मीटर का खर्च उपभोक्ताओं पर डालने का लगातार प्रयास किया जाता रहा है, लेकिन उपभोक्ता परिषद इसका विरोध करता रहा। परिषद की दलील पर नियामक आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष आरपी सिंह उपभोक्ताओं पर भार डालने पर सहमत नहीं हुए। यही वजह है कि चार साल से टैरिफ आदेश में मीटर का खर्च उपभोक्ताओं पर नहीं आया। अब ऊर्जा मंत्रालय ने पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया है।


लटका है प्रीपेड स्मार्ट मीटर का टेंडर
विद्युत वितरण निगमों की ओर से प्रीपेड स्मार्ट मीटर की टेंडर प्रक्रिया लटकी हुई है। मूल्य की वजह से कई बार टेंडर प्रक्रिया निरस्त हो चुकी है। ऊर्जा मंत्रालय की ओर से इसकी कीमत करीब छह हजार रुपये प्रति मीटर तय किया है, जबकि पश्चिामंच में इसकी 8415 रुपये पर हो चुका है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में वर्ष 2018 में एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड की ओर से लगाए गए पुरानी तकनीकी 2जी व 3जी के 50 लाख स्मार्ट मीटर को 4जी में बदलने का मामला भी लटका हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed