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UP: यूनियन बैंक का 22 करोड़ हड़पने वाले बिल्डर को ईडी ने किया गिरफ्तार, जांच में नहीं कर रहा था सहयोग

Thu, 17 Oct 2024 12:00 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 17 Oct 2024 12:00 PM IST
सार

प्रवर्तन निदेशालय ने लखनऊ स्थित जोनल मुख्यालय में लंबी पूछताछ के बाद कार्रवाई की है। इसके लिए ईडी ने उसकी संपत्तियों को जब्त कर लिया था।

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UP News: Rajeev Tyagi arrested by ED in a fraud case.
- फोटो : ANI

विस्तार

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 22 करोड़ रुपये हड़पने वाले गाजियाबाद के बिल्डर राजीव त्यागी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। साईं कंस्ट्रक्शन एंड बिल्डर्स के संचालक राजीव त्यागी को ईडी ने पूछताछ के लिए राजधानी स्थित जोनल कार्यालय बुलाया था, जहां जांच में सहयोग नहीं करने पर उसे गिरफ्तार करने का निर्णय लिया गया। ईडी की टीम बृहस्पतिवार को उसे गाजियाबाद स्थित विशेष अदालत में पेश करेगी।

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बता दें कि ईडी ने बीती 23 सितंबर को राजीव त्यागी की 14.89 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया था। ये संपत्तियां राजीव त्यागी, उनके बेटे अमर्त्य राज त्यागी, कनिष्क राज त्यागी, मेसर्स एसकेटी गारमेंट प्राइवेट लिमिटेड और एसएस इंटरप्राइजेस के नाम पर खरीदे गए फ्लैट, दुकान, आवासीय एवं औद्योगिक भूखंड आदि की थी। जिनकी वर्तमान बाजार कीमत कई गुना अधिक है। दरअसल, कंपनी और उसकी सहयोगी फर्मों के खिलाफ गाजियाबाद स्थित सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ 22.20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस वर्ष 2022 में दर्ज किया था, जिसके बाद ईडी ने भी मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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साईं कंस्ट्रक्शन नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और उत्तराखंड पावर कारपोरेशन समेत कई सरकारी विभागों में कार्य करती थी। कंपनी ने बैंक से अलग-अलग मदों में 22.20 करोड़ रुपये का ऋण आदि लिया था। इसके बदले उन्होंने अपनी कई संपत्तियां बैंक में बंधक रखी थीं। बाद में बैंक की जांच में सामने आया कि ये संपत्तियां पहले दूसरे बैंकों के पास बंधक रखी जा चुकी थी, जिन्हें फर्जी दस्तावेज बनाकर यूनियन बैंक में भी बंधक रखा गया।

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