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UP News: डेंगू प्रबंधन में सरकारी दावों पर हाईकोर्ट ने कहा- हमारे पास एजेंसी होती तो जांच जरूर कराते
Fri, 04 Nov 2022 10:46 PM IST
अनुराग सक्सेना
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Fri, 04 Nov 2022 10:46 PM IST
सार
न्यायालय ने आदेश दिया है कि राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर बताया जाए कि इस मामले में क्या उपाय किए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 नवंबर को होगी। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ इस मामले में एक जनहित याचिका की सुनवाई कर रही है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में डेंगू के बढ़ते मामलों पर शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि न तो दवाओं की कमी है और न ही कहीं बेड की। इस पर न्यायालय ने अफसोस जताते हुए कहा है कि जमीनी हकीकत तो कुछ और ही है। यदि हमारे पास कोई एजेंसी होती तो हम सरकारी दावे की जांच अवश्य कराते।
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न्यायालय ने आदेश दिया है कि राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर बताया जाए कि इस मामले में क्या उपाय किए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 नवंबर को होगी। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ इस मामले में एक जनहित याचिका की सुनवाई कर रही है।
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न्यायालय के पूर्व के आदेश के अनुपालन में अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता अमिताभ राय ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार डेंगू, चिकनगुनिया, वायरल बुखार और अन्य वेक्टर जनित रोगों के इलाज के लिए समुचित कदम उठा रही है। केजीएमयू, राम मनेाहर लोहिया समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में दवाओं और बेड की कोई कमी नहीं है और न नही कोई मरीज बिना इलाज वापस भेजा जा रहा है।
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इन दावों पर न्यायालय ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि जमीनी हकीकत इससे अलग है। न्यायालय ने कहा कि हम कागज पर सरकारी दावों की परख करा लेते यदि हमारे पास कोई अपनी जांच एजेंसी होती। न्यायालय ने सरकारी वकील को हलफनामा दाखिल कर किए गए उपायों की जानकारी देने को कहा।
न्यायालय ने यह भी आदेश दिए कि हलफनामे में यह भी बताया जाए कि 2016 में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए बने रेग्युलेशन के अनुपालन में क्या कदम उठाए गए हैं। न्यायालय ने कहा है कि यह भी बताया जाए कि उक्त रेग्युलेशन के तहत मरीजों के इलाज के लिए विषेशज्ञों से सलाह ली गई है अथवा नहीं व लोगों को वेक्टर- जनित रोगों से बचाव के लिए जागरूक करने की दिशा में क्या कदम उठाए गए हैं।