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UP News: यूपी भर में फैला है नारकोटिक्स समूह की दवाओं का कारोबार, हर जिले में होगी जांच
Fri, 18 Jul 2025 10:16 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 18 Jul 2025 10:16 AM IST
सार
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम गोपनीय तरीके से 14 जुलाई की शाम लखनऊ पहुंची। इसके बाद अमीनाबाद में मंगलम एजेंसी में मौजूद एक कर्मचारी को हिरासत में ले लिया गया है। अब हर जिले में जांच की जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : एएनआई
विस्तार
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की टीम दो दिन से लखनऊ में डेरा डाले हुए है। यहां भारी मात्रा में नशीली दवाएं मिली हैं। एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। जांच की प्रक्रिया अभी चल रही है। लखनऊ के अमीनाबाद की दुकान पर मिली दवाओं के आधार पर अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) प्रदेशभर में फैले कारोबार के तार तोड़ने में जुटेगा। यहां मिले दस्तावेजों से दवाओं की आपूर्ति वाली दुकानें तलाशी जाएंगी।
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केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम गोपनीय तरीके से 14 जुलाई की शाम लखनऊ पहुंची। इसके बाद अमीनाबाद में मंगलम एजेंसी में मौजूद एक कर्मचारी को हिरासत में ले लिया गया है। नयागांव (पश्चिम) स्थित ओल्ड मेडिसिन मार्केट की दवा गोदाम की भी जांच की गई। अब तक सीबीएन ने छापेमारी में नारकोटिक्स समूह की लगभग 20 लाख टैबलेट और 5700 कोडीन सिरप की बोतलें बरामद की हैं। इसमें नकली कफ सिरप की करीब 5000 से ज्यादा शीशियां हैं।
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सूत्रों के मुताबिक अब तक मिली दवाओं में अल्प्राजोलम की 18.47 लाख गोलियां, ट्रामाडोल की 2.19 लाख गोलियां, व्यूप्रेनॉर्फिन की 13175 शीशियां, पेंटाजोसिन की 700 शीशियां, क्लोनाजेपाम की 1770 गोलियां और कोडीन-आधारित सिरप की 5700 बोतलें (38 डिब्बे) बरामद किया है। इन दवाओं के खरीद संबंधी बिल बाउचर जुटाए जा रहे हैं। हिरासत में लिए गए व्यक्ति से दवाओं की खरीद और बिक्री संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है। इसी आधार पर संबंधित जिलों में कार्रवाई की जाएगी।
हर जिले में होगी जांच
सीबीएन की कार्रवाई पूरी होने के बाद यहां मिले दस्तावेजों के आधार पर प्रदेशभर में जांच अभियान चलाने की तैयारी है। अमीनाबाद से नारकोटिक्स की दवाएं कहां-कहां भेजी जाती हैं, इसकी भी जानकारी मिल सकेगी। फिर संबंधित जिलों में छापे मारे जाएंगे। एफएसडीए के सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि अभी उन्हें कोई दस्तावेज नहीं मिला है। फिर भी सीबीएन की जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर प्रदेशभर में जांच शुरू कराई जाएगी ताकि नारकोटिक्स के कारोबार को जड़ से खत्म किया जा सके। उन्होंने बताया कि इससे पहले सीमावर्ती जिलों में जांच की गई थी। पिछले साल भी दूसरे प्रदेश से सटे जिलों में कार्रवाई करके नारकोटिक्स के जाल को तोड़ दिया गया था, लेकिन अव बार फिर इसके सुराग मिल रहे हैं। टीम की जांच पूरी होते ही नए सिरे से प्रदेश में जांच शुरू की जाएगी।