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UP News : प्री-पेड स्मार्ट मीटर के टेंडर में मीटर सील के सैंपल की अनिवार्यता समाप्त

Fri, 11 Nov 2022 12:45 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 11 Nov 2022 12:45 PM IST
सार

यूपी में करीब 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से ढाई करोड़ प्री-पेड स्मार्ट मीटरों के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। तकनीकी बिड में चार कंपनियों का चयन किया गया है।

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UP News: Mandatory for sample of meter seal in pre-paid smart meter tender ends
स्मार्ट मीटर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

केंद्र सरकार ने प्री-पेड स्मार्ट मीटर के टेंडर के लिए स्टैंडर्ड बिडिंग गाइड लाइन में संशोधन कर दिया है। विवाद खड़ा होने के बाद टेंडर के साथ मीटर सैंपल के बजाय मीटर सील का सैंपल जमा कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) के कार्यकारी निदेशक आर. लक्ष्मणन की ओर से यूपी समेत सभी राज्यों की बिजली कंपनियों के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर गाइड लाइन में संशोधन की जानकारी दी है। अलबत्ता मीटर सैंपल जमा कराने के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस पर सवाल उठाते हुए प्रदेश में हुए टेंडर रद्द करके संशोधित गाइड लाइन के अनुसार नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है।

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प्रदेश में करीब 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से ढाई करोड़ प्री-पेड स्मार्ट मीटरों के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। तकनीकी बिड में चार कंपनियों का चयन किया गया है। आरईसी की ओर से संशोधित गाइड लाइन में मीटर सील का सैंपल जमा करने की अनिवार्यता का प्रावधान हटा दिया गया है। साथ ही यह जोड़ा गया है कि जहां अभी टेंडर जारी नहीं हुआ है वहां इसे समाप्त समझा जाए और जहां टेंडर हो चुके हैं वहां इसके अनुरूप संशोधन जारी कर दिया जाए। यूपी जैसे जिन राज्यों में तकनीकी बिड खोल दी गई है वहां संबंधित कंपनी को टेंडर मिलने के बाद सैंपल जमा कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब स्टैंडर्ड बिडिंग गाइड लाइन में संशोधन करके सैंपल जमा कराने के प्रावधान को हटा दिया गया है तो प्रदेश में खोली गई तकनीकी बिड का कोई औचित्य नहीं रह गया है। अब जिस तरह के प्रावधान किए जा रहे हैं उससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।

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