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UP News : शेल्टर होम बनाने को लेकर सरकार चुस्त, नगर निकाय सुस्त, खाते में पड़ी है धनराशि
Tue, 29 Nov 2022 08:14 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 29 Nov 2022 08:14 PM IST
सार
इसका नतीजा यह है कि कड़ाके की ठंड शुरू होने के बाद भी तमाम शहरों में मांग के मुताबिक शेल्टर होम का निर्माण अब तक नहीं हो पाया है। तमाम शहरों में मांग के मुताबिक शेल्टर होम का निर्माण धनराशि के अभाव में लटक गया है।
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शेल्टर होम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट और सरकार की सख्ती के बाद भी शेल्टर होम के लिए स्वीकृत धनराशि जारी करने में बड़े पैमाने लापरवाही बरती जा रही है। स्थिति यह है कि शेल्टर होम बनाने के लिए जारी 50 फीसदी से अधिक की धनराशि नगर निकायों के खाते में ही पड़ी है। इसका नतीजा यह है कि कड़ाके की ठंड शुरू होने के बाद भी तमाम शहरों में मांग के मुताबिक शेल्टर होम का निर्माण अब तक नहीं हो पाया है। तमाम शहरों में मांग के मुताबिक शेल्टर होम का निर्माण धनराशि के अभाव में लटक गया है।
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यह स्थिति तब है, जब सुप्रीम कोर्ट खुद शहरी बेघरों के लिए शेल्टर होम बनाने पर नजर रखे हुए है। पिछले दिनों राज्य स्तरीय मानिटरिंग समिति की समीक्षा में शेल्टर होम बनाने के लिए धनराशि की अनुपलब्धता का प्रकरण उठा था। मामले की छानबीन हुई तो पता चला कि प्रदेश के अधिकांश शहरों के नगर निकायों द्वारा सरकार द्वारा जारी धनराशि शेल्टर होम संचालन के लिए नियुक्त संस्थाओं को धनराशि ही उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
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जबकि नोडल एजेंसी राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) द्वारा संबंधित नगर निकायों को बहुत पहले ही धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। नगर निकायों की सुस्ती की वजह से तमाम शहरों में शेल्टर होम बनाने का काम लटकने लगा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक करीब तीन दर्जन नगर निकायों में 50 से 60 प्रतिशत तक धनराशि जारी ही नहीं हो पाई है।
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इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शासन ने ऐसे सभी नगर निकायों की सूची तैयार कराने को कहा कि जिन्होंने धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी उसे जारी नहीं किया है। साथ ही सभी नगर निकायों को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं कि जहां भी जरूरत हो, वहां शेल्टर होम बनाने का काम तेजी से पूरा किया है। नगर निकायोंको चेतावनी भी दी गई है कि थर्ड पार्टी सर्वेक्षण के दौरान जिस नगर निकाय क्षेत्र में कोई भी बेघर खुले आसमान के नीचे सोते हुए मिले तो संबंधित जोन के अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जोनल अफसर बनेंगे नोडल अफसर
शेल्टर होम बनाने को लेकर नगर निकायों की सुस्ती सामने आने के बाद शासन ने व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए सभी नगर निकायों में जोनवार नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं। हर जोनल अफसर अपने-अपने जोन का नोडल अधिकारी होगा। सभी नोडल अधिकारियों का फोन नंबर व पूरा ब्यौरा नगर निकाय से लेकर निदेशकर सूडा और शासन स्तर पर भी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।