UP News : उप मुख्यमंत्री ने कहा, दवाओं की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करें
डिप्टी सीएम दोपहर करीब दो बजे मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन के दफ्तर पहुंचे। सबसे पहले अधिकारियों की हाजिरी रजिस्टर देखा। सबको बारी-बारी से बुलाया। करीब 15 कर्मचारी या तो देरी से पहुंचे या फिर गायब मिले।
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डिप्टी सीएम दोपहर करीब दो बजे मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन के दफ्तर पहुंचे। सबसे पहले अधिकारियों की हाजिरी रजिस्टर देखा। सबको बारी-बारी से बुलाया। करीब 15 कर्मचारी या तो देरी से पहुंचे या फिर गायब मिले। इसपर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कॉरपोरेशन के एमडी जगदीश त्रिपाठी को व्यवस्था सुधारने के साथ ही लेट-लतीफी और गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों से जवाब-तलब करने के निर्देश दिए।
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों ने पूछा कि शासन द्वारा 289 तरह की दवाओं को जरूरी दवाओं की लिस्ट में शामिल किया है। इनमें से कॉरपोरेशन कितनी दवाओं को अस्पताल में आपूर्ति कर रहा है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में 232 प्रकार की दवाओं का आरसी (रेट कान्ट्रेक्ट) हो पाया है। बाकी की प्रक्रिया चल रही है। डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश के सभी वेयरहाउस में 289 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कॉरपोरेशन के सुस्त अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि अधिकारी सभी 75 जिलों में आपूर्ति की जा रही एक-एक दवाओं का हिसाब रखें। शासन के अफसरों को भी पूरी स्थिति से अवगत कराएं।