{"_id":"64ccb242aa6ff7490302a0f5","slug":"up-news-cm-yogi-said-work-dedicatedly-for-education-infrastructure-farmers-and-women-2023-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम योगी आदित्यनाथ ने की भावुक अपील: आप गरीब हैं, अपने बच्चों को गरीबी के दलदल में न धकेंले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम योगी आदित्यनाथ ने की भावुक अपील: आप गरीब हैं, अपने बच्चों को गरीबी के दलदल में न धकेंले
Fri, 04 Aug 2023 08:35 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 04 Aug 2023 08:35 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बच्चों को स्कूल न भेजने वाले जो माता-पिता ये कहें कि हम गरीब हैं और पढ़ा नहीं सकते, उनसे पूछिए कि क्या आप अपने बच्चे को भी जिंदगी भर गरीबी ही देना चाहते हैं।
विज्ञापन
लोकभवन में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बच्चों को स्कूल न भेजने वाले जो माता-पिता ये कहें कि हम गरीब हैं और पढ़ा नहीं सकते, उनसे पूछिए कि क्या आप अपने बच्चे को भी जिंदगी भर गरीबी ही देना चाहते हैं। आकांक्षात्मक विकास खंडों में कार्य करने वाले 100 सीएम शोधार्थियों से योगी ने कहा कि मां-बाप को बताएं कि स्कूल ड्रेस से लेकर भोजन तक फ्री है। ये बताकर हाथ पकड़कर बच्चे को स्कूल ले जाएं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में स्कूल न जाने वाले बच्चों को स्कूल चलो अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।
विज्ञापन
शुक्रवार को लोकभवन में आयोजित मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आकांक्षात्मक विकासखण्डों की प्रगति पुस्तिका का विमोचन किया। साथ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच आकांक्षात्मक विकासखण्डों को पांच करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के विकास की धुरी गांव हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था जितनी आत्मनिर्भर और सशक्त होगी, देश और प्रदेश भी उतना ही मजबूत होगा। इसे हासिल करने के लिए देश के 112 आकांक्षात्मक जिलों में तेज विकास का अभियान चलाया था। इनमें उत्तर प्रदेश के आठ जिले शामिल किये गये। ये देश के सबसे पिछड़े जनपदों में थे। इन्हें उबारने के लिए टीम वर्क किया गया। आज आकांक्षात्मक जिलों में सबसे बेहतर विकास करने वाले शीर्ष दस में पांच यूपी के हैं। शीर्ष 20 में यूपी के सभी 12 जिले हैं।
विज्ञापन
आत्मनिर्भर होंगे गांव तो देश भी उसी अनुपात में होगा आत्मनिर्भर
उन्होंने कहा कि 2018 में नीति आयोग ने देश के 112 जनपदों को आकांक्षात्मक जनपद के रूप में चयनित किया था। इनमें उत्तर प्रदेश के आठ जिले, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, चंदौली, सोनभद्र, चित्रकूट और फतेहपुर जनपद शामिल किये गये। ये वो जनपद थे जो विकास की मुख्य धारा से पीछे छूट गये थे। उत्तर प्रदेश के सभी 8 जनपद देश के 112 आकांक्षात्मक जनपदों की लिस्ट में भी सर्वाधिक पिछड़े स्थान पर थे। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जल संसाधन, रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, फाइनेंशियल इन्क्लूजन और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ये जिले पिछड़े थे। मगर ये हर्ष का विषय है कि टीम वर्क और नियमित मॉनीटरिंग के कारण आज हमारे 8 में से 4 जनपद देश के टॉप 10 आकांक्षात्मक जनपद में जबकि, टॉप 20 में सभी हमारे सभी 8 जनपद शामिल हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के विकास की धुरी गांव हैं। ग्रामीण व्यवस्था जितना आत्मनिर्भर होगी, देश और प्रदेश भी उसी अनुपात में आत्मनिर्भर होगा।
विज्ञापन
लक्ष्य निर्धारित कर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें शोधार्थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ना तो हमारे पास फंड की कमी है और ना ही मैन पॉवर की। हमारे शोधार्थी जोकि तीन साल के लिए फेलोशिप पर अपने अपने विकासखंडों में कार्य कर रहे हैं वे योजक बनकर कार्य करें। ये सुनिश्चित करें कि हम सरकार की योजनाओं को कैसे जनता के साथ जोड़ सकते हैं। सभी शोधार्थी एक लक्ष्य लेकर चलें कि जबतक उनके फेलोशिप का टेन्योर खत्म हो तबतक उनका ब्लॉक सर्व शिक्षा अभियान में शत प्रतिशत हो, उनका ब्लॉक टीबी मुक्त हो चुका हो। इसके साथ ही किसानों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी और महिला एवं बालिकाओं से जुड़ी सरकारी स्कीम भी जनता के बीच लेकर जाएं और योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करें। ये सुनिश्चित करें कि आपके ब्लॉक के हर गांव के शत प्रतिशत बच्चे स्कूल जा रहे हैं। बेटियों को कन्या सुमंगला योजना का लाभ मिल रहा है। किसानों को किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना का लाभ मिल रहा है। आपके विकासखंड में पर्यटन की क्या संभावनाएं हो सकती हैं, ये भी देखें। संचारी रोगों से मुक्त रखने के लिए अपने क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक करें। यही भी सुनिश्चित करें कि आपके क्षेत्र में कैसे बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान की जा सकती है। इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी आवश्यकताओं को भी शासन के अधिकारियों को अवगत कराएं। प्रयास करें कि हर महीने आप 30 ग्राम पंचायतों का दौरा करें और अपनी रिपोर्ट तैयार करें।
सीडीओ और बीडीओ से लगातार संपर्क में रहें
मुख्यमंत्री ने शोधार्थियों से कहा कि अपने विकास खंडों को प्रदेश के सामान्य ब्लॉकों की श्रेणी में लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ मेहनत करें, ये आपके लिए एक बड़ा अवसर है। इस कार्य में मदद के लिए आप सभी अपने मुख्य विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी के साथ मिलकर अपने जमीनी अनुभवों को साझा करें। सीएम ने कहा कि सरकार योजनाएं चलाती है, मगर जनता को उससे जोड़ने का कार्य कठिन होता है, ऐसे में योजक के रूप में आप कार्य करें। ये सुनिश्चित करें कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाएं जमीन पर उतरकर लोगों के जीवन को बदल सके।
सराहनीय कार्य करने वाले इन शोधार्थियों से सीएम ने किया संवाद
इस दौरान मुख्यमंत्री ने संभल की रुचि राठौर, लखीमपुर खीरी से सुरेन्द्र कुमार दीक्षित, बस्ती के शिवकुमार, बाराबंकी से डॉ रुचि अवस्थी, बिजनौर से मोनिका और नसीबा देवी से संवाद किया और उनके द्वारा अपने अपने आकांक्षात्मक विकास खंडों में किये गये सराहनीय कार्यों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री ने इस दौरान ओवरऑल डेल्टा रैंकिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए कुशीनगर के विशुनपुरा ब्लॉक को दो करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इसके अलावा बरेली के मझगांवां ब्लॉक, बदायू के वजीरगंज ब्लॉक, अंबेडकरनगर के भीटी ब्लॉक, बरेली के फतेहगंज ब्लॉक और बलिया के सोहांव ब्लॉक को 60-60 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। उन्होंने आकांक्षात्मक विकास खंडों की प्रगति पुस्तिका 'वार्षिक प्रतिवेदन 2022-23' का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर प्रदेश के वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार सहित सभी 100 आकांक्षात्मक विकास खंडों के शोधार्थी मौजूद रहे।