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UP News : उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स की 4200 सीटें मंजूर, नई रणनीति पर काम शुरू
Fri, 16 Dec 2022 02:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 16 Dec 2022 02:33 AM IST
सार
अब करीब 4279 छात्रों को इन कोर्स में प्रशिक्षण मिलेगा। कुछ कॉलेजों में इसी सत्र से दाखिला भी शुरू हो रहा है। ऐसे में जल्द ही उत्तर प्रदेश पैरामेडिकल स्टाफ के मामले में न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि दूसरे राज्यों को भी स्टाफ उपलब्ध कराएगा।
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(सांकेतिक तस्वीर)
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विस्तार
प्रदेश के 27 राजकीय एवं स्वशासी मेडिकल कॉलेजों में नए सिरे से पैरामेडिकल कोर्स शुरू हो रहे हैं। अब करीब 4279 छात्रों को इन कोर्स में प्रशिक्षण मिलेगा। कुछ कॉलेजों में इसी सत्र से दाखिला भी शुरू हो रहा है। ऐसे में जल्द ही उत्तर प्रदेश पैरामेडिकल स्टाफ के मामले में न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि दूसरे राज्यों को भी स्टाफ उपलब्ध कराएगा।
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प्रदेश में कानपुर, झांसी, कन्नौज में पैरामेडिकल के करीब आठ कोर्स पहले से चल रहे हैं, जबकि अन्य ज्यादातर कोर्स निजी क्षेत्र केकॉलेजों में चल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ही छत केनीचे डॉक्टर, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ तैयार करने की घोषणा की थी। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नई रणनीति अपनाई। जिन कोर्स में रोजगार की ज्यादा संभावना है, उसे सरकारी कॉलेजों में शुरू करने की योजना बनी। जहां पहले से कोर्स चल रहे थे, उन्हें नए मानकों के आधार पर तय किया गया है। इस तरह प्रदेश में अब अलग- अलग विधा के कोर्स में 4279 सीटों को नए सिरे से मंजूरी दी गई है। इसमें बैचलर और डिप्लोमा दोनों तरह के कोर्स हैं।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
भविष्य की रणनीति के तहत प्रदेश में डॉक्टरों के साथ नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश के सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल में पैरामेडिकल के पर्याप्त स्टॉफ होंगे तो मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। कोशिश है कि यहां से तैयार होने वाले पैरामेडिकल स्टाफ को देश के विभिन्न राज्यों में रोजगार मिले। मेडिकल कॉलेजों से तैयार होने वाले पैरामेडिकल छात्र अपनी विधा में पूरी तरह से पारंगत होंगे। वे प्रतियोगिता के मामले में दूसरे राज्यों से बेहतर साबित होंगे।
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- आलोक कुमार, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग
कहां कितनी सीटें
कानपुर में कई कोर्स पहले से चल रहे थे। यहां कुछ नए कोर्स और कुछ में सीटें बढाई गई हैं। अब हृदय रोग संस्थान कानपुर में 64, जीएसवीएम कानपुर में 800, छत्रपति शाहूजी महराज विश्वविद्यालय कानपुर परिसर के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंस में 80 सीटें हो गई हैं। इसी तरह पैरामेडिकल ट्रेनिंग कॉलेज झांसी में 90, राजकीय मेडिकल कॉलेज सहारनपुर में 75, बांदा में 90, अंबेडकर नगर में 50, मेरठ में 260, प्रयागराज में 240, गोरखपुर में 250, आगरा में 230, बदायूं में 90, जालौन में 200, कन्नौज में 240 पर कोर्स शुरू हो रहे हैं। इसी तरह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में हरदोई में 60, मिर्जापुर में 60, गाजीपुर में 60, फिरोजाबाद में 210, सिद्धार्थनगर में 60, फतेहपुर में 120, जौनपुर में 60, बस्ती में 90, अयोध्या में 330, बहराइच में 90, प्रतापगढ़ में 60 और शाहजहांपुर में 240 सीटों को मान्यता मिली हैं।
शुरू हो रहे हैं ये कोर्स
बैचलर ऑफ आपरेशन थियेटर टेक्नीशियन, कार्डियोलॉजी टेक्नीशियन, पंप परफ्यूज टेक्नीशियन, एक्सरे सीटी टेक्नोलॉजिस्ट, फिजियोरेथेपी, रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी, बैचलर इन मेडिकल लैबोरेटरी साइंस, बैचलर ऑफ आप्टोमेट्री, बीएससी इन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग टेक्नीक्स कोर्स शुरू हो रहेहैं। इसी तरह डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, क्रिटिकल केयर टेक्नीशियन, आपरेशन टेक्नीशियन, आईसीयू टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन, इंडोस्कोपी टेक्नीशियन, एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर टेक्नीशियन, कार्डिटोलॉजी टेक्नीशियन आदि कोर्स हैं।