{"_id":"5fa571868ebc3e9bd3572019","slug":"up-new-electricity-rates-may-be-announced-before-diwali","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी : दिवाली के पहले हो सकता है नई बिजली दरों का एलान, राज्य सलाहकार समिति की बैठक में उठी दरें न बढ़ाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : दिवाली के पहले हो सकता है नई बिजली दरों का एलान, राज्य सलाहकार समिति की बैठक में उठी दरें न बढ़ाने की मांग
Fri, 06 Nov 2020 09:23 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 06 Nov 2020 09:23 PM IST
विज्ञापन
बिजली
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य विद्युत नियामक आयोग दिवाली के पहले नई बिजली दरों का एलान कर सकता है। आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह ने शुक्रवार को राज्य सलाहकार समिति की बैठक में इसके संकेत दिए। कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए बैठक में इस साल बिजली की दरों में इजाफा न किए जाने की मांग की गई। स्लैब परिवर्तन का भी विरोध किया गया।
नियामक आयोग ने 2020-21 के लिए टैरिफ प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये राज्य सलाहकार समिति की बैठक बुलाकर बिजली कंपनियों की ओर से नए स्लैब पर दरों के प्रस्ताव पर सदस्यों से रायशुमारी की। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में आयोग के अध्यक्ष ने अगले पांच साल के लिए बिजली कंपनियों के बिजनेस प्लान व टैरिफ प्रस्ताव के बारे में जानकारी दी।
सलाहकार समिति में बतौर सदस्य शामिल उपभोक्ता, उद्योगों समेत अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने जहां कोविड-19 के मद्देनजर बिजली दरों में किसी तरह की बढ़ोतरी न किए जाने व स्लैब परिवर्तन को अभी लागू न करने की मांग उठाई, वहीं पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने इस पर चुप्पी साधे रखी। अलबत्ता अपर मुख्य सचिव ऊर्जा ने एक प्रस्तुतीकरण के जरिये यह दावा जरूर किया कि उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नियामक आयोग ने 2020-21 के लिए टैरिफ प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये राज्य सलाहकार समिति की बैठक बुलाकर बिजली कंपनियों की ओर से नए स्लैब पर दरों के प्रस्ताव पर सदस्यों से रायशुमारी की। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में आयोग के अध्यक्ष ने अगले पांच साल के लिए बिजली कंपनियों के बिजनेस प्लान व टैरिफ प्रस्ताव के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
सलाहकार समिति में बतौर सदस्य शामिल उपभोक्ता, उद्योगों समेत अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने जहां कोविड-19 के मद्देनजर बिजली दरों में किसी तरह की बढ़ोतरी न किए जाने व स्लैब परिवर्तन को अभी लागू न करने की मांग उठाई, वहीं पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने इस पर चुप्पी साधे रखी। अलबत्ता अपर मुख्य सचिव ऊर्जा ने एक प्रस्तुतीकरण के जरिये यह दावा जरूर किया कि उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
विज्ञापन
उपभोक्ताओं को दिलाएं 13337 करोड़ का लाभ
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि कोरोना काल में सभी श्रेणी के उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं, इसलिए आयोग को बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के निकल रहे 13337 करोड़ रुपये का लाभ बिजली दरों में कमी करके देना चाहिए।
स्मार्ट मीटर समेत अन्य मुद्दे भी उठे
बैठक में स्मार्ट मीटर व अन्य मीटरों में लगातार आ रही कमियों का मुद्दा भी उठा। सदस्यों का कहना था कि घटिया मीटरों की जांच कराकर इसकी आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं के बीच भरोसा पैदा किया जाना जरूरी है। स्मार्ट मीटर के कनेक्शन काटने व जोड़ने का शुल्क समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
...और आ गया नियामक आयोग के अध्यक्ष का बिजली बिल
बैठक में स्थिति तब थोड़ी असहज हो गई जब नियामक आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह ने पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन से कहा कि उनके यहां भी स्मार्ट मीटर लगा है लेकिन दो महीने से बिल नहीं आया। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े पावर कॉर्पोरेशन के अफसर हरकत में आए। करीब 45 मिनट बाद मोबाइल पर आया संदेश दिखाते हुए आरपी सिंह ने कहा कि बैठक में बिल न आने का मुद्दा उठाने का फायदा यह हुआ कि उनका बिल आ गया।
स्मार्ट मीटर समेत अन्य मुद्दे भी उठे
बैठक में स्मार्ट मीटर व अन्य मीटरों में लगातार आ रही कमियों का मुद्दा भी उठा। सदस्यों का कहना था कि घटिया मीटरों की जांच कराकर इसकी आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं के बीच भरोसा पैदा किया जाना जरूरी है। स्मार्ट मीटर के कनेक्शन काटने व जोड़ने का शुल्क समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
...और आ गया नियामक आयोग के अध्यक्ष का बिजली बिल
बैठक में स्थिति तब थोड़ी असहज हो गई जब नियामक आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह ने पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन से कहा कि उनके यहां भी स्मार्ट मीटर लगा है लेकिन दो महीने से बिल नहीं आया। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े पावर कॉर्पोरेशन के अफसर हरकत में आए। करीब 45 मिनट बाद मोबाइल पर आया संदेश दिखाते हुए आरपी सिंह ने कहा कि बैठक में बिल न आने का मुद्दा उठाने का फायदा यह हुआ कि उनका बिल आ गया।