ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सांसद-विधायकों को पत्र लिखकर की बिल भरने की अपील, कहा- सहयोग करें
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प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सभी विधायकों, सांसदों और ग्राम प्रधानों को पत्र लिखकर बकाया विद्युत बिल चुकाने के अभियान में सहयोग का आग्रह किया है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि समय पर बिल भुगतान नहीं करने से उपभोक्ताओं पर हजारों करोड़ रुपये बकाया है। ऊर्जा विभाग का वित्तीय वर्ष कैशगैप 13 हजार करोड़ से अधिक है।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों को उपभोक्ताओं को बिना जुर्माने और ब्याज के बकाया बिल भुगतान के लिए लागू ‘आसान किस्त योजना’ की जानकारी दी है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि विद्युत आपूर्ति की प्रति यूनिट लागत 7.35 रुपये आती है।
निजी नलकूप के उपभोक्ताओं को सरकार 1.21 रुपये प्रति यूनिट, बीपीएल उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट 3 रुपये प्रति यूनिट और घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट 3.35 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई जा रही है।
निजी नलकूप, बीपीएल और ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को कम दर पर बिजली आपूर्ति कराने से हो रही हानि की प्रतिपूर्ति प्रदेश सरकार करती है।
आसान किस्त योजना अब 31 तक
उधर, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने बकाया बिल वसूली के लिए ‘आसान किस्त योजना’ की अवधि को 31 मार्च 2020 तक बढ़ा दिया है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने शासनादेश जारी किया है।
कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष के मुताबिक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के एमएमवी-1 (अधिकतम 4 किलोवाट के विद्युत कनेक्शन) के साथ निजी नलकूप विद्युत उपभोक्ताओं के लिए योजना की अवधि बढ़ाई है। उपभोक्ता योजना के तहत बकाया बिल भुगतान के लिए 31 मार्च तक पंजीकरण करा सकेंगे।