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यूपी: खत्म होगा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में दवाओं का संकट, हर कॉलेज के लिए पास हुआ बजट; दिए गए निर्देश

Mon, 09 Mar 2026 09:04 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 09 Mar 2026 09:04 PM IST
सार

Ayurvedic Medical College: आयुर्वेदिक कॉलेजों में दवाओं का संकट खत्म होगा। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में दवा खरीदने के लिए बजट जारी कर दिया गया है। 

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UP: Medicine crisis in Ayurvedic medical colleges to end, budget passed for each college; instructions given
आयुर्वेदिक कॉलजों में बढ़ जाएंगी दवाएं।

विस्तार

राजकीय मेडिकल कॉलेजों में दवा खरीदने के लिए बजट जारी कर दिया गया है। सभी कॉलेजों को 20 से 30 लाख रुपये दिए गए हैं। इन सभी को जेम पोर्टल के जरिये दवाएं खरीदने का निर्देश दिया गया है। प्रधानाचार्यों और चिकित्सा अधीक्षकों को ओपीडी के नियमित निरीक्षण के निर्देश देते हुए हर मरीज को दवाएं उपलब्ध कराने की हिदायत दी गई है।

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प्रदेश में सात राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें आयुष मिशन से दवाएं दी जाती हैं। दवा खरीदने के लिए सरकार बजट निदेशालय के जरिये कॉलेजों को भेजती है। करीब छह माह से बजट का अभाव होने से दवाएं नहीं खरीदी गई थीं। सिर्फ मिशन से मिली दवाओं से काम चलाया जा रहा था। इससे कई जरूरी दवाओं का अभाव हो गया था। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया। खबर प्रकाशित होने के बाद सभी कॉलेजों को बजट जारी कर दिए गए हैं। आयुर्वेद निदेशक डॉ. नारायण दास ने बताया कि सभी कॉलजों को दवा खरीद का बजट देते हुए प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि जिन दवाओं की कमी है उन्हें तत्काल खरीदें। सभी दवाएं जेम पोर्टल के जरिये ही खरीदी जाएंगी। ओपीडी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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अनुरक्षण मद के बजट का इंतजार
कॉलेजों को दवा खरीद का बजट जारी कर दिया गया है, लेकिन कॉलेजों को अब तक अनुरक्षण मद का बजट नहीं दिया गया है। इससे कॉलेज, ओपीडी, आईपीडी और हॉस्टल के रखरखाव संबंधी कार्य कराए जाते हैं। यदि किसी हॉस्टल में नल खराब है तो उसकी मरम्मत के लिए अनुरक्षण मद का ही इस्तेमाल होता है।

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