यूपी: महापौर सुषमा खर्कवाल ने किया बाढ़ का निरीक्षण, बोलीं- 45 बीघा सरकारी जमीन पर भूखंड काटने की होगी जांच
लखनऊ में महापौर सुषमा खर्कवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। पार्षद ने गोमती किनारे 45 बीघा नगर निगम की जमीन पर भूखंड काटकर बेचने की शिकायत की, जिसकी जांच के निर्देश दिए गए। डीएम ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर भोजन, पानी और दवाइयां वितरित कर राहत कार्य जारी रखने के निर्देश दिए।
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महापौर सुषमा खर्कवाल बृहस्पतिवार को लालजी टंडन वार्ड के सैथा, सुखलाल खेड़ा और गुलमी खेड़ा सहित आसपास बाढ़ग्रस्त एरिया का निरीक्षण करने पहुंची तो पार्षद रोशनी रावत ने गोमती नदी के किनारे 45 बीघा नगर निगम की सरकारी जमीन पर भूखंड काट कर बेचने की शिकायत की।
उन्होंने पार्षद को आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। साथ ही, महापौर ने साथ में मौजूद नगर आयुक्त गौरव कुमार को नगर निगम की जमीन पर भूखंड काटने की जांच के निर्देश दिए। महापौर के इस निर्देश से नगर निगम के अफसरों में भी हड़कंप मच गया। दरअसल, नगर निगम सहित अन्य कई विभाग की सरकारी जमीन पर भूखंड काटने का खेल राजस्व विभाग के कुछ जिम्मेदारों की मिलीभगत के चलते हुआ है। हालांकि, पार्षद ने इस मामले की बृहस्पतिवार को डीएम से भी शिकायत की है।
सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार, जोनल अधिकारी अमरजीत यादव के साथ में बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई का समाधान कराया। नगर निगम की टीम ने प्रभावित परिवारों के घरों तक भोजन, पानी और दवाइयों के पैकेट पहुंचाए। राहत सामग्री मिलने से लोगों ने राहत की सांस ली।
डीएम ने घर-घर वितरित की राहत सामग्री
लालजी टंडन वार्ड के बाढ़ प्रभावित इलाकों का बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे डीएम विशाखजी ने निरीक्षण किया। उन्होंने हयातनगर न्यू कॉलोनी में गोमती नदी किनारे पहुंचकर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए।
डीएम ने बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद नगर निगम की टीम के साथ प्रभावित परिवारों के घरों तक पहुंचकर भोजन, पानी और दवाइयों के पैकेट वितरित किए। उन्होंने लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रखा जाए। जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, पेयजल और दवाइयां समय से पहुंचाई जाएं।