यूपी: राजधानी में कातिल का मास्टमाइंड प्लान, पहले नौकरानी रखवाई, फिर उसी के साथ मिलकर की वृद्धा की हत्या
लखनऊ के आशियाना में 65 वर्षीय नीरा गुप्ता की हत्या और लूट के मामले में पुलिस ने किशोरी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पूर्व घरेलू सहायिका मोनी रावत पर साजिश रचने का आरोप सामने आया। आरोपियों ने दूध में नशीला पदार्थ देकर वृद्धा को बेहोश किया और विरोध करने पर हत्या कर दी। करीब 50 लाख के जेवर बरामद हुए।
विस्तार
पहले वृद्धा का भरोसा जीता, फिर घर में काम करने के बहाने किशोरी को रखवाया और इसके बाद साथियों के साथ मिलकर लूटपाट की साजिश रच डाली। आशियाना के सेक्टर-के निवासी नीरा गुप्ता (65) की हत्या के मामले में पुलिस की जांच में ऐसी ही साजिश सामने आई है।
नीरा के घर पहले काम कर चुकी बाराबंकी के लोनी कटरा स्थित खैराकनकू गांव निवासी मोनी रावत ने ही कुछ दिन पहले किशोरी को घरेलू काम के लिए रखने की सलाह दी थी। मोनी को पता था कि वृद्धा के घर में काफी कीमती सामान है। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। विरोध करने पर आरोपियों ने नीरा की हत्या कर दी। पुलिस ने किशोरी समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया पूरा सामान बरामद कर लिया है।
डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि नीरा के भतीजे इंदिरानगर निवासी अनुभव ने हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। छानबीन में पता चला कि नीरा के घर कुछ दिन पहले ही एक किशोरी घरेलू काम के लिए आई थी। जांच में उसकी भूमिका संदिग्ध मिली।
इस तरह पकड़ा गया
सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से घटना के दिन किशोरी और तीन अन्य लोगों की लोकेशन नीरा के घर के पास मिली। इसी आधार पर शुक्रवार को पुलिस ने किशोरी को पकड़ लिया। पूछताछ में किशोरी ने नगराम निवासी रवि प्रकाश व सरिता रावत और मोनी रावत के साथ मिलकर लूटपाट के दौरान नीरा की हत्या करने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने तीनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
50 लाख के जेवर और नकदी समेत पूरा सामान बरामद
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों के पास से करीब 50 लाख रुपये कीमत के लूटे गए जेवर और 38,318 रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अलावा मृतका का पासपोर्ट, घड़ी, गैस पासबुक, बैग, सूटकेस, स्प्रे, कपड़े और अन्य सामान भी मिला है।
जागीं तो कर दी हत्या
एसीपी कैंट सुजीत दुबे ने बताया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले नीरा को दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया था। इससे वह बेहोश हो गई थीं। रवि प्रकाश के कहने पर सरिता घर के बाहर निगरानी कर रही थी। वहीं, रवि प्रकाश, मोनी और किशोरी ने उंगलियों के निशान छिपाने के लिए दस्ताने पहने और घर के अंदर दाखिल हुए।
चोरी के दौरान नीरा की आंख खुल गई और उन्होंने विरोध किया। इस पर रवि प्रकाश ने तकिये से उनका मुंह दबा दिया, जबकि मोनी और किशोरी ने उनका गला दबाया। इसी दौरान किशोरी ने मसाला कूटने वाले लोहे के मूसल से नीरा के सिर के पिछले हिस्से पर वार कर दिया। चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी घर से सामान समेटकर भाग निकले।
पहले काम कर चुकी थी मोनी, उसी ने खुलवाया घर का रास्ता
इंस्पेक्टर आशियाना गजेंद्र राय ने बताया कि चारों आरोपी आपस में दूर के रिश्तेदार हैं। मोनी पहले नीरा के घर काम करती थी। नीरा के पति की मौत के बाद उसने काम छोड़ दिया था। कुछ दिन पहले वह नीरा से मिलने पहुंची और किशोरी को काम पर रखने की बात कही।
मोनी पर भरोसा करके नीरा ने पहले से काम कर रही नौकरानी को 22 अक्तूबर को हटा दिया और किशोरी को काम पर रख लिया। मोनी, किशोरी, सरिता और रवि प्रकाश ने पहले ही साजिश रच ली थी कि नीरा के घर में काफी कीमती सामान है और आसानी से चोरी की जा सकती है। इसी योजना के तहत चारों ने 27 अक्तूबर को वारदात को अंजाम दिया।