केजीएमयू धर्मांतरण केस: एसटीएफ रिपोर्ट में इन 12 डॉक्टरों के नामों ने चौंकाया; अनुशासनात्मक जांच की तैयारी
केजीएमयू धर्मांतरण प्रकरण में एसटीएफ की सात पेज की रिपोर्ट सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। रिपोर्ट में करीब 12 डॉक्टरों के नाम शामिल हैं। आरोपों की जांच के लिए अगले सप्ताह कार्यपरिषद की आपात बैठक होगी। इसमें जांच समिति गठन और प्रशासनिक पदों पर बने रहने पर निर्णय लिया जाएगा।
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केजीएमयू में धर्मांतरण प्रकरण को लेकर एसटीएफ की सात पेज की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट में करीब 12 डॉक्टरों के नाम शामिल हैं। इनमें कई ऐसे हैं, जो केजीएमयू से बाहर बड़े संस्थानों में अहम पदों पर तैनात हैं। एक डॉक्टर कुलपति के पद पर भी हैं। वहीं, कुछ केजीएमयू में विभागाध्यक्ष हैं, जबकि कुछ अगले एक से दो महीने में इस पद पर नियुक्त होने वाले हैं।
एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर केजीएमयू प्रशासन सभी संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए अगले सप्ताह कार्यपरिषद की आपात बैठक बुलाई जाएगी। इसमें आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित करने पर फैसला लिया जाएगा।
आगे की कार्रवाई तय होगी
बैठक में इस पर भी विचार होगा कि जांच पूरी होने तक संबंधित डॉक्टर विभागाध्यक्ष और अन्य प्रशासनिक पदों पर बने रहेंगे या नहीं। ऐसे में आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय के कई अहम प्रशासनिक पदों पर बदलाव हो सकते हैं। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि कार्यपरिषद की बैठक बुलाकर पूरा मामला रखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
धर्म के आधार पर प्राथमिकता देने का आरोप
एसटीएफ की रिपोर्ट में डॉक्टरों के कामकाज और व्यवहार को लेकर भी गंभीर टिप्पणियां की गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित डॉक्टरों पर अपने धर्म के लोगों को प्राथमिकता देने के आरोप हैं। इलाज, विभागीय जिम्मेदारियां सौंपने और ड्यूटी लगाने तक में धर्म के आधार पर पक्षपात किया जाता था। रिपोर्ट में अपने धर्म के विशेषज्ञों को तरजीह देने का भी जिक्र है।