फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Many districts of Awadh are in the grip of floods, rivers swelled due to heavy rains in Nepal, migration

यूपी: अवध के कई जिले बाढ़ की चपेट में, नेपाल में हुई भारी बारिश से उफनाईं नदियां, गांवों से हो रहे हैं पलायन

Mon, 16 Sep 2024 12:15 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बहराइच
अमर उजाला संवाद, बहराइच Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 16 Sep 2024 12:15 PM IST
सार

Flood in UP: यूपी में अवध क्षेत्र के कई जिले एक साथ बाढ़ की चपेट में हैं। राप्ती और सरयू दोनों नदियां उफान पर है। नेपाल की पहाड़ियों में हुई बारिश का असर इन नदियों पर पड़ रहा है। 

विज्ञापन
UP: Many districts of Awadh are in the grip of floods, rivers swelled due to heavy rains in Nepal, migration
नेपाल में हुई बारिश से बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

यूपी के कई जिले एक साथ बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नेपाल की पहाड़ियों पर हुई भारी बारिश का असर बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती और बाराबंकी आदि जिलों पर पड़ रहा है। नेपाल में हो रही बरसात के कारण कुसुम बैराज से राप्ती नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे राप्ती नदी का जलस्तर एक बार पुन: रविवार को खतरे का निशान पार कर गया। इधर सरयू नदी भी उफान पर है। बहराइच जिले में बांध में रिसाव की भी खबरें आईं। 

विज्ञापन


बाराबंकी के गांवों में मची तबाही
पहाड़ियों पर लगातार हो रही बरसात व नेपाल के बैराजों से करीब आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाराबंकी में सरयू नदी उफनाकर गांवों में तबाही मचा रही है। केदारीपुर गांव नदी में बह गया है तो 78 गांव वाला बेलहरी गांव भी नदी में समा रहा है। 2014 में नदी का जलस्तर इसी तरह से बढ़ गया था। शनिवार रात से नदी के ईद-गिर्द करीब एक करीब डेढ़ किमी दूर तटबंध तक पानी आ गया। केदारीपुर व बेलहरी गांव की करीब 500 बीघा जमीन नदी में समा गई है। यहां तेजी से कटान हो रही है। इन दोनों गांवों के लोग ईट बचाने के चक्कर में मकान तोड़ सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं। एडीएम अरूण कुमार ने अधिकारियों के साथ कटान से प्रभावित गांव देखे। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है। (यहां देखें - तस्वीरें: लाल निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा सरयू का जलस्तर, 22 गांव पानी से घिरे)
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

नेपाल के पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश 

UP: Many districts of Awadh are in the grip of floods, rivers swelled due to heavy rains in Nepal, migration
 गांव में घुसा बाढ़ का पानी।

नेपाल के पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश से सरयू उफान पर है। सरयू का पानी जिले के मिहिपुरवा,  नानपारा और महसी तहसील में तबाही मचा रहा हैं। रविवार की सुबह बाढ़ के पानी के दवाब से बेलहा- बहरौली तटबंध पर दो स्थानों पर रिसाव शुरू हो गया। जिसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गई। सूचना पर पहुंचे कर्मचारी रिसाव बंद करवाने में जुट गए हैं।

नानपारा तहसील के बेलहा से निकल  कर कैसरगंज के बहरौली तक जाने वाला तटबंध 100 से अधिक गांवों का सुरक्षा कवच है। तीन तहसीलों नानपारा, महसी और कैसरगंज की लगभग 2 लाख आबादी बाढ़ के समय इसी तटबंध के समय सुकून की नींद सोती हैं। लेकिन रविवार की सुबह बांध से गुजर रहे ग्रामीणों ने महसी क्षेत्र में तटबंध पर बेहटा और बिसवा के पास हल्का रिसाव होता देखा। 

रिसाव होते देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई और तत्काल इसकी सूचना जिला प्रशासन और ड्रेनेज खंड को दी गई। सूचना पर सरयू ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता जितेन्द्र वर्मा मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल कर रिसाव बंद करने की कार्यवाही शुरू की। अवर अभियंता जितेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया की तटबंध पर 61.800 और 62.900 पर सीपेज की सूचना मिली थी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे है। जलस्तर बढ़ने के चलते पानी उबाल लें रहा था। सीपेज को मोरंग, गिट्टी, मसाला आदि से बंद करवा दिया गया है। साथ ही तटबंध पर नजर बनाए हैं।

श्रावस्ती में फिर राप्ती ने खतरे का निशान को किया पार 

UP: Many districts of Awadh are in the grip of floods, rivers swelled due to heavy rains in Nepal, migration
बाढ़ का पानी गांव के अंदर। - फोटो : अमर उजाला।

नेपाल में हो रही बरसात के कारण कुसुम बैराज से राप्ती नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे राप्ती नदी का जलस्तर एक बार पुन: रविवार को खतरे का निशान पार कर गया। इससे जहां कई गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी आ रहा है। वहीं नरैनापुर, लैबुड़वा व मनिकाकोट में राप्ती ने कटान तेज कर दिया है। जिले में भले ही बरसात थम गई हो लेकिन नेपाल सहित पहाड़ों पर रुक रुक कर बरसात जारी है। ऐसे में नेपाल के कुसुम बैराज से रविवार को सुबह 10 बजे 43267 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद राप्ती नदी का जलस्तर 127.50 से बढ़ कर खतरे के निशान 127.70 को पार कर दोपहर एक बजे 127.80 सेंटीमीटर पहुंच गया। 

खतरे के निशान से दस सेंटीमीटर ऊपर पहुंचते ही राप्ती नदी का पानी एक बार पुन: जमुनहा के वीरपुर गांव के पास खेतों को जलमग्न करता हुआ क्षतिग्रस्त मल्हीपुर भंगहा मुख्य मार्ग की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में ग्रामीण आवागमन के लिए खेत की मेड़ का सहारा लेने को विवश हो गए है। वहीं नरैनापुर में नदी तेजी से कटान करते हुए गांव व प्राथमिक विद्यालय की ओर बढ़ रही है। जिससे ग्रामीणों की धड़कने बढ़ गई हें। यही नहीं घटते बढ़ते जलस्तर के कारण राप्ती नदी इकौना के लैबुड़वा व मनिकाकोट, टेंड़वा, भुतहा गांव का वजूद मिटाने के लिए तेजी से कटान कर रही है। बढ़े जलस्तर के कारण भुतहा में कई घर कटान से मात्र चार से छह मीटर ही बचे हैं। यदि कटान जारी रहा तो कई घर राप्ती नदी की धारा में विलीन हो सकते हैं। ऐसे में ग्रामीण अपने घरों में रखा सामान सुरक्षित करने में जुट गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed