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यूपी: हाईकोर्ट के आदेश से खुला सीज मदरसा, नेपाल सीमा से सटे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के खुलने की उम्मीद
Wed, 21 Jan 2026 08:47 AM IST
रोहित मिश्र
मोहम्मद इरफान, अमर उजाला, लखनऊ
मोहम्मद इरफान, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 21 Jan 2026 08:47 AM IST
सार
Madrasas in UP: यूपी में हाईकोर्ट ने श्रावस्ती में सीज किए हुए मदरसे को खोलने का आदेश दिया है। इसके बाद पूरे प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त मदरसे खुलने की उम्मीद जगी है।
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यूपी के बंद मदरसे खुलने की उम्मीद।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के श्रावस्ती में एक गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे की सील हटाने के आदेश के बाद प्रदेश के ऐसे अन्य मदरसों को राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि, अब भी यह सवाल बरकरार है कि क्या नेपाल सीमा के नजदीकी जिलों समेत प्रदेशभर में इसी आधार पर बंद किए गए सैकड़ों मदरसों से सील हट पाएगी।
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उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद से प्रदेश में करीब 16460 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं। मदरसा बोर्ड ने साल 2017 से नए मदरसों को मान्यता पर अघोषित रोक लगा रखी है। इस पर बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन इफि्तखार अहमद जावेद ने शासन को वर्ष 2022 में मानक पूरे करने वाले मदरसों को मान्यता देने के लिए सर्वे कराने का प्रस्ताव भेजा था।
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शासन के सर्वे में प्रदेश में 8449 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे और मकतब सामने आए। साल 2024 में तत्कालीन मुख्य सचिव ने सर्वे रिपोर्ट से 4204 गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को चिह्नित कर जिलास्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का पत्र जिलाधिकारियों को भेजा। इसके बाद जिलों में बनी कमेटियों ने मदरसों का संचालन बंद करने और गैर मुस्लिम बच्चों की सूची उपलब्ध कराने की नोटिस देकर कार्रवाई शुरू कर दी।
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नेपाल सीमा पर हुई थी ज्यादा बंदी
श्रावस्ती में सील किया गया मदरसा खुला।
- फोटो : amar ujala
नेपाल के सीमावर्ती जिलों के मदरसों पर सबसे ज्यादा कार्रवाई की गई थी। एक निजी सर्वे के मुताबिक श्रावस्ती, बहराइच और सिद्धार्थनगर में ही 500 से ज्यादा मदरसे बंद कर दिए गए थे। कई जिलों में मदरसे ध्वस्त भी किए गए थे। मदरसा बोर्ड के पूर्व सदस्य हाजी दीवान साहेब जमां खां के मुताबिक, मानक पूरे करने वाले मदरसों को मान्यता देने के बजाय बंद करना न्यायसंगत नहीं था।
शिक्षण संस्थानों को संचालन के बाद मान्यता दी जाती है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मानक पूरे करने वाले सील किए गए मदरसों को राहत मिल सकती है। - हाजी दीवान साहेब जमां खां, पूर्व सदस्य, मदरसा बोर्ड
मदरसा बोर्ड की मंशा थी कि मानक पूरे करने वाले गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को सर्वे कराकर मान्यता दी जाए लेकिन उलटा उन्हें बंद कर दिया गया। अब हाईकोर्ट के आदेश से उम्मीद जगी है। - डॉ. इफि्तखार अहमद जावेद, पूर्व चेयरमैन, मदरसा बोर्ड
शिक्षण संस्थानों को संचालन के बाद मान्यता दी जाती है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मानक पूरे करने वाले सील किए गए मदरसों को राहत मिल सकती है। - हाजी दीवान साहेब जमां खां, पूर्व सदस्य, मदरसा बोर्ड
मदरसा बोर्ड की मंशा थी कि मानक पूरे करने वाले गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को सर्वे कराकर मान्यता दी जाए लेकिन उलटा उन्हें बंद कर दिया गया। अब हाईकोर्ट के आदेश से उम्मीद जगी है। - डॉ. इफि्तखार अहमद जावेद, पूर्व चेयरमैन, मदरसा बोर्ड