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UP: उच्च वेतन वाली नौकरियों का हब बनेगा लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर, कम से कम दो लाख हाई प्रोफाइल जॉब देने का लक्ष्य
Wed, 06 Aug 2025 11:29 AM IST
ishwar ashish
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 06 Aug 2025 11:29 AM IST
सार
लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर को रोजगार का हब बनाने की तैयारी है। यहां पर न्यूनतम 50 हजार रुपये महीना से ज्यादा वेतन वाली नौकरियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। अभी ऊंचे वेतन वाली नौकरी के लिए यूपी में नोएडा एनसीआर ही एकमात्र बेल्ट है।
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- फोटो : freepik
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विस्तार
अब 50 हजार रुपये महीने से ज्यादा वेतन वाली नौकरियों का केंद्र सिर्फ नोएडा, गाजियाबाद ही नहीं रहेंगे। टियर-2 शहरों में भी बड़े वेतन की नौकरियां सृजित होंगी। इसके लिए लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर रोजगार का हब बनाने की तैयारी है। ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (जीसीसी) के तहत इस कॉरिडोर में उच्च स्तर के जॉब के अवसर बनाए जा रहे हैं ताकि यूपी से बाहर जॉब कर रहे 20 लाख से ज्यादा हाई स्किल युवा वापसी करें।
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इस कॉरिडोर में कम से कम दो लाख नए हाई प्रोफाइल जॉब देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए परियोजनाओं को समयबद्ध मंजूरी दी जाएगी। अभी ऊंचे वेतन वाली नौकरी के लिए यूपी में नोएडा एनसीआर ही एकमात्र बेल्ट है। अब ऐसी ही संभावनाओं वाला क्षेत्र लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर बनेगा। इसमें उन्नाव भी शामिल है। इस फेहरिस्त में प्रयागराज, आगरा, बरेली, गोरखपुर व वाराणसी भी हैं। इस बेल्ट में एक तरफ दो डिफेंस कॉरिडोर हैं तो दूसरी तरफ 20 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं।
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देश का पहला एआई चंडीगढ़ विश्वविद्यालय भी यहां खुल चुका है। देश की दूसरी कैन निर्माता कंपनी, हीरानंदानी लाजिस्टिक पार्क, इंटरनेशनल बियर निर्माता प्लांट यहां आ चुके हैं। करीब 14 से ज्यादा डिफेंस कंपनियां आ चुकी हैं। इसलिए ये बेल्ट वैश्विक क्षमता केंद्र के रूप में सबसे मुफीद क्षेत्र बनकर उभर रहा है। बैंक, सलाहकार कंपनियां, वित्तीय सेवाएं और बीमा क्षेत्र की मल्टीनेशनल कंपनियां यहां आएंगी।
वैश्विक क्षमता केंद्र के तहत ग्लोबल हब, सेटेलाइट ऑफिस, आउटसोर्स सेंटर व क्लस्टर ऑफिस शामिल होंगे। साथ ही 40 आईटी पार्क व 25 स्पेशल इकोनॉमी जोन (एसईजेड) को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यहां विश्व स्तरीय संसाधनों के साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, होटल व मॉल स्वतः बनेंगे। इससे प्रति व्यक्ति आय में तेज वृद्धि का अनुमान है। शासन के उच्च पदस्थ सूत्र के मुताबिक इसमें तेजी लाने के लिए हर अप्रूवल के लिए समय सीमा तय की गई है। अगले दो साल में दो लाख उच्च वेतन वाली नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में रोजगार के लिए इन चार स्तरों पर हो रहा काम
- कम शिक्षित युवाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर कुशल कामगार बनाना। इसके तहत विश्वकर्मा सम्मान जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इनके लिए सरकारी सेवा पोर्टल में पंजीकरण और डोर-टू-डोर सर्विस के अवसर मुहैया कराया जा रहा है। अब तक एक लाख से ज्यादा प्रशिक्षण दिया गया। इससे सेवा पोर्टल के जरिये इन्हें 27 करोड़ की आय हुई।
- युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सीएम युवा अभियान जैसी योजनाएं जिसके तहत पांच लाख का व्याजमुक्त ऋण देकर उद्यमी बनाने के लिए प्रोत्साहित करना। अब तक 6 लाख से ज्यादा आवेदन और 67 हजार को लोन आवंटन।
- यूपी रोजगार मिशन के तहत विदेश में प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर देना और उन्हें वैश्विक मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करना।
- आईआईटी, आईआईएम और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से पासआउट युवाओं के लिए प्रदेश में व्हाइट कॉलर जॉब की व्यवस्था। न्यूनतम 6 लाख रुपये सालाना वेतन वाली ये नौकरियां प्रदेश की अर्थव्यवस्था, तकनीकी विकास और ब्रांडिंग में गेमचेंजर साबित होंगी।