यूपी: साढ़े चार महीने प्रभावित रहेगा लखनऊ एयरपोर्ट, एक मार्च से बदल जाएगा उड़ानों का समय, ये है वजह
Amausi Airport: लखनऊ का अमौसी एयरपोर्ट एक मार्च से साढ़े चार महीने तक प्रभावित रहेगा। इस दौरान यहां दिन में विमान न तो उड़ पाएंगे न ही उतर।
विस्तार
अमौसी एयरपोर्ट का रनवे 137 दिनों तक रोजाना आठ घंटे बंद रहेगा। पहली मार्च से 15 जुलाई तक सुबह 10 से शाम छह बजे तक इसे बंद रखा जाएगा। इस दौरान रनवे के समानांतर टैक्सीवे बनाया जाएगा, जिससे विमानों की लैंडिंग-टेकऑफ आसान बनेगा। रनवे बंद रहने से करीब 65 विमानों का संचालन प्रभावित होगा।
चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में रनवे की मेंटीनेंस के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन को एयरपोर्ट प्रशासन ने कार्ययोजना बनाकर भेजी थी, जिसकी अनुमति मिल गई है। एयरपोर्ट प्रवक्ता ने बताया कि इन 137 दिनों तक सुबह दस से पूर्व व शाम छह बजे के बाद एयरपोर्ट से 132 विमानों की लैंडिंग व टेकऑफ होगी। विमानन कंपनियों को इसकी सूचना दी जा चुकी है। उड़ानों को एयरलाइंस रिशेड्यूल कर रही हैं। अमौसी एयरपोर्ट पर रोजाना 140 विमानों की आवाजाही है। इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद सहित खाड़ी देशों की उड़ानें शामिल हैं। एयरपोर्ट सूत्र बताते हैं कि 18 उड़ानें निरस्त भी हो सकती हैं।
इंडिगो कानपुर शिफ्ट करेगा उड़ानें!
एयरपोर्ट सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में सबसे ज्यादा उड़ानें इंडिगो की हैं। ऐसे में एयरलाइन प्रशासन लखनऊ से संचालित होने वाली छह से आठ उड़ानों को कानपुर शिफ्ट कर सकता है। एयर इंडिया, विस्तारा भी सेवाओं को रिशेड्यूल कर रही है। जल्द इसकी आधिकारिक रूप से घोषणा होगी। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक 137 दिनों तक विमानों का संचालन दिन में बाधित होने से कुल नौ लाख यात्रियों के सफर पर संकट आएगा।
ये काम होंगे एयरपोर्ट पर
1. रनवे की होगी मरम्मत
एयरपोर्ट प्रवक्ता ने बताया कि रनवे की मरम्मत वर्ष 2018 में हुई थी। रनवे की मौजूदा परत हटाकर मानकों के अनुरूप डामर की नई परत चढ़ाई जाएगी। इससे लैंड व टेकऑफ करने वाले विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंकाओं पर विराम लगेगा। रनवे और टैक्सी वे सहित कुल 1.80 लाख वर्ग मीटर में काम किया जाएगा।
2. समानांतर टैक्सीवे से बढ़ेगी क्षमता
एयरपोर्ट पर मौजूदा रनवे की लंबाई 2,744 मीटर व चौड़ाई 45 मीटर है। इसके समानांतर टैक्सी-वे (पी-9) बनाया जाएगा। विमानों को लैंडिंग के बाद टैक्सी-वे पर लाया जाता है, जिससे रनवे खाली होने पर दूसरी फ्लाइट लैंड व टेकऑफ करती है। समानांतर टैक्सी-वे बन जाने से विमानों को आसानी से रनवे पर लाया व हटाया जा सकेगा। इससे सुरक्षा भी बढ़ती है।
3. एजीएल सिस्टम होगा उन्नत, बचेगी बिजली
अमौसी एयरपोर्ट पर एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग (एजीएल) सिस्टम को भी उन्नत बनाया जाएगा। हेलोजन को एलईडी में बदलने के साथ एयरफील्ड साइनेज लगाने के काम होंगे। इससे रात में विमानों की लैंडिंग आसान होगी तथा एलईडी लगने से 50 प्रतिशत तक बिजली बचेगी।