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UP: भाजपा के 'भीम दांव' से सपा का गेम प्लान चौपट, एकमुश्त निषाद मत पाले में करने की रणनीति को झटका
Fri, 26 Apr 2024 03:47 PM IST
शाहरुख खान
श्रीनारायण मिश्र, अमर उजाला, सुल्तानपुर
श्रीनारायण मिश्र, अमर उजाला, सुल्तानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 26 Apr 2024 03:47 PM IST
सार
भाजपा के 'भीम दांव' से सपा का गेम प्लान चौपट हो गया है। एकमुश्त निषाद मत पाले में करने की रणनीति को झटका लगा है। सीधे-सीधे दो फाड़ हो गया है। भीम को दोबारा टिकट की आस खत्म हो गई। अचानक बदले हालात से पार्टी प्रवक्ता और विधायक खामोश हैं।
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भीम को दोबारा टिकट की आस खत्म
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे सपा के पूर्व प्रत्याशी की तस्वीर सोशल मीडिया पर डालकर भाजपा ने जो 'भीम दांव' खेला उससे सपा का पूरा गेम प्लान ही बिगड़ गया। भीम निषाद की दोबारा टिकट पाने की आस भी खत्म हो गई। इतना ही नहीं, जिस निषाद मत को सपा एकमुश्त हासिल करने की फिराक में थी, उसमें भी दो फाड़ नजर आने लगा है।
सुल्तानपुर जिले में निषाद मतों की संख्या करीब दो लाख है। यह वर्ग पिछले कई चुनावों से भाजपा का वोटर बना हुआ था। सपा ने इस वर्ग को साधने के लिए ही भीम निषाद को काफी पहले ही चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी थी।
करीब आठ महीने से भीम निषाद अपने समाज के बीच जुटे हुए थे, जिसका असर भी दिखने लगा था। इस बीच सपा नेताओं के दबाव में पार्टी ने भीम निषाद की जगह पूर्व मंत्री रामभुआल के टिकट का एलान कर दिया। इससे निराश भीम निषाद पहले तो सपा विधायक ताहिर खान के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सहारे रहे।
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वहां से शुभ संकेत नहीं मिलने पर उन्होंने अपनी राजनीति को सुरक्षित रखने के लिए भाजपा से भी तार जोड़ना शुरू कर दिया। इसी कड़ी में वह बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले।
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सुल्तानपुर जिले में निषाद मतों की संख्या करीब दो लाख है। यह वर्ग पिछले कई चुनावों से भाजपा का वोटर बना हुआ था। सपा ने इस वर्ग को साधने के लिए ही भीम निषाद को काफी पहले ही चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी थी।
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करीब आठ महीने से भीम निषाद अपने समाज के बीच जुटे हुए थे, जिसका असर भी दिखने लगा था। इस बीच सपा नेताओं के दबाव में पार्टी ने भीम निषाद की जगह पूर्व मंत्री रामभुआल के टिकट का एलान कर दिया। इससे निराश भीम निषाद पहले तो सपा विधायक ताहिर खान के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सहारे रहे।
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वहां से शुभ संकेत नहीं मिलने पर उन्होंने अपनी राजनीति को सुरक्षित रखने के लिए भाजपा से भी तार जोड़ना शुरू कर दिया। इसी कड़ी में वह बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले।
इस मुलाकात की फोटो वायरल होने के बाद भीम निषाद की रही सही उम्मीद भी चली गई। अब उनके पास भाजपा का दामन थामने के अलावा कुछ खास नहीं बचा है। उधर, सपा का एक प्रभावशाली खेमा रामभुआल निषाद को पचा नहीं पा रहा है। ऐसे में सपा का गेम प्लान प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव कहते हैं कि पार्टी प्रत्याशी रामभुआल निषाद भारी मतों से जीतेंगे।
भीम की जल्दबाजी से ताहिर अधर में
भीम निषाद की पैरवी में जिले के इकलौते सपा विधायक मोहम्मद ताहिर खान पूरी ताकत से जुटे थे, लेकिन भीम निषाद की अचानक मुख्यमंत्री से मुलाकात से उन्हें भी झटका लगा है।