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यूपी विधान परिषद: सरकार को मधुशाला से प्रेम पाठशाला से नफरत... स्कूलों के विलय पर सपा ने किया वॉक आउट
Mon, 11 Aug 2025 07:21 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 11 Aug 2025 07:21 PM IST
सार
यूपी में सरकारी स्कूलों के विलय के मुद्दे पर विधान परिषद में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप चले। वहीं, सपा के सदस्यों ने सदन से वॉक आउट कर लिया।
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यूपी विधानमंडल का एक दृश्य। (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
विस्तार
विधान परिषद में स्कूलों के विलय के खिलाफ सपा सदस्यों ने वॉक आउट किया। नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने सरकार पर गरीबों को शिक्षा से वंचित करने का आरोप लगाया। वहीं, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्कूलों की पेयरिंग कर रहे हैं।
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सपा सदस्यों ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिये यह मुद्दा उठाया। सपा के मुकुल यादव ने इस विषय को सदन में रखा। डॉ. मान सिंह यादव ने कहा कि सरकार को मधुशाला से प्रेम है और पाठशाला से नफरत है। स्कूल बंद करने के लिए पेयरिंग सरीखे तरह-तरह के शब्द गढ़े जा रहे हैं। सपा के ही आशुतोष सिन्हा ने कहा कि सरकार ने जून में ही 10827 विद्यालय बंद कर दिए।
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नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा का व्यवसायीकरण कर रही है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बेसिक शिक्षा में 8 वर्षों में हुए सुधारों का ब्योरा रखा। कहा कि 50 से कम संख्या वाले वही विद्यालय बंद किए जा रहे हैं, जहां एक किमी के दायरे में अन्य सरकारी स्कूल भी हैं। इससे एक स्कूल में अधिक शिक्षक होंगे और पढ़ाई भी बेहतर होगी। केंद्र सरकार से कम्पोजिट ग्रांट भी अधिक मिल सकेगी।
सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन से बर्हिगमन कर दिया। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि सपा सरकार में शिक्षा और नौकरियों में सिर्फ भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार था। इसके बाद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कार्यस्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया।