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यूपी: एक जुलाई से आधार की तर्ज पर बनेंगे किसान कार्ड, इसी के जरिए मिलेगी पीएम किसान सम्मान निधि

Thu, 27 Jun 2024 07:13 AM IST
रोहित मिश्र चन्द्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चन्द्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 27 Jun 2024 07:13 AM IST
सार

Kisan cards: यूपी में एक जुलाई से किसान कार्ड बनेंगे। इसी के माध्यम से किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि आएगी। रजिस्ट्री का कार्य पूरा होने के बाद किसान कार्ड बनाया जाएगा। 

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UP: Kisan cards will be made on the lines of Aadhaar from July 1, through this, PM Kisan Samman Nidhi will b
किसान कार्ड के लिए देनी होगी पूरी सूचना।

विस्तार

प्रदेश में आधार की तर्ज पर ही किसान कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए एक जुलाई से पूरे प्रदेश में किसान रजिस्ट्री की शुरुआत की जा रही है। इसमें किसान का आधार नंबर, खेत का रकबा, खसरा नंबर आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद एक किसान नंबर जारी होगा। इस नंबर के जरिए ही संबंधित किसान का पूरा विवरण देखा जा सकेगा। रजिस्ट्री का कार्य पूरा होने के बाद किसान कार्ड बनाया जाएगा। रजिस्ट्री से मिलने वाले नंबर के जरिये ही दिसंबर से पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। कृषि विभाग का दावा है कि पूरे प्रदेश में एक साथ किसान रजिस्ट्री शुरू करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है।
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केंद्र सरकार की ओर से एग्रीस्टैक (कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा) विकसित करने की योजना के तहत किसान रजिस्ट्री शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से तैयार कराए गए मोबाइल एप पर प्रदेश के हर किसान का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। 
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इसके लिए एक जुलाई से 31 जुलाई तक हर गांव में शिविर लगेंगे। इसमें दो कर्मचारी रहेंगे। ये गांव में रहकर संबंधित किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाले सभी गाटा संख्या, सह खातेदार होने की स्थिति में गाटे में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, ईकेवाईसी विवरण आदि दर्ज करेंगे। किसी प्रकार के स्वामित्व हस्तांतरण (विरासत, बैनामा आदि) होने पर किसान रजिस्ट्री में बदलाव किया जा सकेगा। इसमें किसान के हर गाटे में दो सत्र में बोई जाने वाली फसल का विवरण भी शामिल किया जाएगा।
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यह होगा फायदा
अभी किसान को किसी तरह का ऋण लेने के लिए बार-बार राजस्व रिकॉर्ड देना पड़ता है। किसान रजिस्ट्री होने से उनके नंबर को संबंधित एप पर डालकर उसका पूरा विवरण देखा जा सकेगा। इससे किसान कल्याण की योजनाएं बनाने और उसने क्रियान्वयन में आसानी होगी। लाभार्थियों के सत्यापन, कृषि उत्पाद के विपणन और अन्य वित्तीय मामलों में भी सहूलियत होगी। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि का भुगतान, फसली ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, आपदा के दौरान किसानों को क्षतिपूर्ति देने के लिए किसानों के चिह्नित करने में आसानी होगी।


क्या कहते है जिम्मेदार
किसान रजिस्ट्री से किसानों को विभिन्न योजनाओं का भरपूर लाभ मिलेगा। किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश नहीं रहेगी। पायलट परियोजना के तहत फर्रुखाबाद में 185634 किसान रजिस्ट्री की गई। अब इसे एक जुलाई से पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग के साथ ही राजस्व, गन्ना, आईटी आदि की टीम भी लगी है।-सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री

 
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