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स्वाइन फ्लू के आगे हार गया उत्तर प्रदेश

Sat, 14 Feb 2015 02:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Sat, 14 Feb 2015 02:19 PM IST
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Up is defeat from swine flu.

प्रदेश के कई जिलों में स्वाइन फ्लू का वायरस पैर पसार चुका है। गुरुवार को लखनऊ में एक और रोगी की मृत्यु के बाद इससे निपटने के सरकारी इंतजाम पर सवालिया निशान लग गए हैं। अब सरकार की सारी उम्मीद मौसम पर टिकी है।

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अधिकारी कह रहे हैं कि जैसे ही गर्मी आएगी वायरस खत्म हो जाएगा।स्वाइन फ्लू का वायरस (एच-1 एन-1) इस साल और घातक हो गया है। सरकारी आंकड़े देखे जाएं तो यूपी में इसकी चपेट में अब तक 83 लोग आ चुके हैं। मरने वालों की संख्या छह हो गई है।
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लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास इससे निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। प्रदेश में मात्र दो ही जगह इसकी जांच हो रही है। खास बात यह है कि अस्पतालों में केवल नाम के आइसोलेशन वार्ड हैं। इनमें हर किसी की आवाजाही है।
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पीड़ित के परिवारीजनों को भी टैमी फ्लू की दवा का कोर्स देना चाहिए। लेकिन इसमें डॉक्टर लापरवाही बरत रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सरकार ने प्रत्येक जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए केवल दो बेड रिजर्व किए हैं।

एच-1 एन-1 की स्थिति

Up is defeat from swine flu.

लखनऊ में 53, गौतमबुद्धनगर 11, आगरा 6 व गाजियाबाद, सहारनपुर, बरेली, सीतापुर में दो दो, हापुड़, कानपुर नगर, हरदोई, इलाहाबाद, वाराणसी में एक-एक।

नहीं हो रही ढंग से निगरानी
स्वाइन फ्लू वायरस दूसरे देशों यहां आया है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों व सीमा पर इसकी निगरानी होनी चाहिए। इसके लिए सरकार ने निर्देश भी दिए हैं, यहां मेडिकल चेक पोस्ट बनाई जाएं। लेकिन लखनऊ व वाराणसी दोनों ही हवाई अड्डों पर इसका पालन नहीं हो रहा। नेपाल सीमा पर खासकर सेनौली-महाराजगंज, रुपईडीहा-बहराइच, गौरी फंटा-खीरी में भी नाम मात्र की मेडिकल चेक पोस्ट हैं।

केवल पीजीआई व केजीएमयू में हो रही जांच
स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने लखनऊ के पीजीआई व किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी को नोडल सेंटर बनाया है। यहां की प्रयोगशालाओं में जांच हो रही है। सरकार ने 24 घंटे में जांच रिपोर्ट देने को कहा है।

रिपोर्ट अस्पताल के डॉक्टर के साथ ही उस मरीज के मोबाइल नंबर पर तत्काल भेजने की व्यवस्था है। सैंपल के साथ ही मरीज का आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड की छायाप्रति के साथ दो मोबाइल नंबर लिए जा रहे हैं। इसके जरिये मरीज पर नजर रखी जा रही है।

तापमान बढ़ने का इंतजार

Up is defeat from swine flu.

स्वाइन फ्लू के लिए प्रदेश सरकार ने टोल फ्री नंबर 18001805145 जारी किया है। इसमें इस बीमारी से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारियां फोन पर प्राप्त की जा सकती हैं।

स्वास्थ्य विभाग को तापमान बढ़ने का इंतजार है। दरअसल, स्वाइन फ्लू का वायरस तापमान बढ़ने पर बेअसर हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि 25 डिग्री से ऊपर तापमान कुछ दिन तक रहता है तो वायरस कमजोर पड़ जाएगा। खुद प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार कहते हैं कि जब ठंड ज्यादा बढ़ती है तो यह वायरस सक्रिय हो जाता है।

स्वास्‍थय के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि बीमारी से निपटने के हर इंतजाम हैं। इसकी हम ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आपस में जुड़े हैं। स्वाइन फ्लू से बचाव की दवा टैमी फ्लू भी जिलों में पर्याप्त संख्या में है। राजस्थान से और दवा मंगाई जा रही है।

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