{"_id":"60c9956e8ebc3eac6371d0b9","slug":"up-in-the-last-24-hours-only-310-corona-cases-were-found-2-38-crore-people-have-been-vaccinated","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी : बीते 24 घंटे में सिर्फ 310 कोरोना केस मिले, 2.38 करोड़ लोगों का हो चुका है वैक्सीनेशन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : बीते 24 घंटे में सिर्फ 310 कोरोना केस मिले, 2.38 करोड़ लोगों का हो चुका है वैक्सीनेशन
Wed, 16 Jun 2021 06:04 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 16 Jun 2021 06:04 PM IST
सार
अब प्रदेश में कुल छह हजार से भी कम एक्टिव केस हैं। बीते 24 घंटे में 2,83,000 कोविड सैंपल की जांच की गई। इस तरह अब तक 5 करोड़ से ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है।
विज्ञापन
कोविड जांच के लिए सैंपल लेती महिला स्वास्थ्यकर्मी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण लगातार कम हो रहा है। बीते 24 घंटे में कोरोना के 310 नए मरीज मिले हैं। अब प्रदेश में कुल छह हजार से भी कम एक्टिव केस हैं। बीते 24 घंटे में 2,83,000 कोविड सैंपल की जांच की गई। इस तरह अब तक पांच करोड़ से ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है। अब तक यूपी में 2.38 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। उधर, यूपी से आधी आबादी वाले महाराष्ट्र में कल 6900, तमिलनाडु में 14000 केस आए।
वहीं, टीम-9 के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेशवासियों को टीका-कवर प्रदान करने की प्रक्रिया और तेज करने की आवश्यकता है। ब्लॉक स्तर पर गांवों के अलग-अलग क्लस्टर बनाकर सघन टीकाकरण अभियान चलाया जाए। लोगों को ग्राम पंचायत भवन अथवा निकटतम सीएचसी पर ही वैक्सीनेशन की सुविधा दी जाए। जिस दिन टीकाकरण होना है, उस तिथि के बारे में लोगों को पहले से जानकारी हो।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई, नौकरी अथवा खेल प्रतिस्पर्धाओं के कारण विदेश यात्रा पर जाने वाले ऐसे लोग, जिन्होंने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज प्राप्त कर ली है और 28 दिन का समय पूर्ण हो चुका है, वह दूसरी डोज लगवा सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए जिला अस्पतालों में विशेष टीकाकरण बूथ बनाए जाएं। इनके प्रपत्रों की पड़ताल कर सुगमतापूर्वक टीकाकरण कराया जाए।
विज्ञापन
कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण व शिक्षा-दीक्षा के प्रबंधन के लिए प्रारंभ "मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना" में ₹4,000 मासिक सहायता राशि प्रॉप्त करने के लिए परिवार की न्यूनतम आय को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख किया जाए। यही नहीं, यदि बच्चे की माता जीवित हैं तो उन्हें निराश्रित महिला पेंशन व अन्य पात्र योजनाओं से भी लाभान्वित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से घर-घर मेडिकल किट वितरण का विशेष अभियान शुरू हो गया है। जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से निगरानी समितियों को दवाइयों का पैकेट दिलाया जाए। लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। अभियान के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सतत मॉनीटरिंग की जाए।
विज्ञापन
वहीं, टीम-9 के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेशवासियों को टीका-कवर प्रदान करने की प्रक्रिया और तेज करने की आवश्यकता है। ब्लॉक स्तर पर गांवों के अलग-अलग क्लस्टर बनाकर सघन टीकाकरण अभियान चलाया जाए। लोगों को ग्राम पंचायत भवन अथवा निकटतम सीएचसी पर ही वैक्सीनेशन की सुविधा दी जाए। जिस दिन टीकाकरण होना है, उस तिथि के बारे में लोगों को पहले से जानकारी हो।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पढ़ाई, नौकरी अथवा खेल प्रतिस्पर्धाओं के कारण विदेश यात्रा पर जाने वाले ऐसे लोग, जिन्होंने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज प्राप्त कर ली है और 28 दिन का समय पूर्ण हो चुका है, वह दूसरी डोज लगवा सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए जिला अस्पतालों में विशेष टीकाकरण बूथ बनाए जाएं। इनके प्रपत्रों की पड़ताल कर सुगमतापूर्वक टीकाकरण कराया जाए।
विज्ञापन
कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण व शिक्षा-दीक्षा के प्रबंधन के लिए प्रारंभ "मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना" में ₹4,000 मासिक सहायता राशि प्रॉप्त करने के लिए परिवार की न्यूनतम आय को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख किया जाए। यही नहीं, यदि बच्चे की माता जीवित हैं तो उन्हें निराश्रित महिला पेंशन व अन्य पात्र योजनाओं से भी लाभान्वित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से घर-घर मेडिकल किट वितरण का विशेष अभियान शुरू हो गया है। जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से निगरानी समितियों को दवाइयों का पैकेट दिलाया जाए। लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। अभियान के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सतत मॉनीटरिंग की जाए।