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यूपी : पंचायत चुनाव में जमकर बांटी जा रही अवैध शराब, एक महीने में 25 लोगों की चुकी है मौत
Sat, 03 Apr 2021 03:48 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 03 Apr 2021 03:48 PM IST
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शराब गोदाम में एसटीएफ का छापा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों के एलान के बाद धड़ल्ले से लोगों में अवैध शराब बांटी जा रही है। इससे प्रतापगढ़, प्रयागराज, चित्रकूट व अयोध्या में कई लोगों की मौत हो चुकी है। आधिकारिक तौर पर सिर्फ मार्च में ही 25 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हो चुकी है। इनमें सर्वाधिक मौतें प्रयागराज मंडल में हुई हैं।
दरअसल पंचायत चुनाव में मतदाताओं को लुभाने का सबसे आसान माध्यम शराब है। प्रत्याशी ग्रामीण क्षेत्र में बनने वाली अवैध शराब और दूसरे राज्यों से आने वाली सस्ती शराब वोटरों में बंटवाते हैं। इसे रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन पंचायत चुनाव के कारण अवैध शराब का कारोबार इतना बढ़ चुका है कि प्रशासन, पुलिस व आबकारी विभाग का पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है।
आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद ने बताया कि पंचायत चुनाव की वजह से सरकारी ठेकों पर भी शराब की बिक्री बढ़ गई है। प्रतापगढ़ और अयोध्या में ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशियों द्वारा बांटी गई शराब की वजह से ही मौतें हुई हैं। इसे रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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अवैध शराब की बिक्री रोकने में लेंगे नए दुकानदारों की मदद
आबकारी आयुक्त ने बताया कि एक अप्रैल से नया सत्र चालू हो गया है। नए दुकानदारों को अवैध शराब के बारे में विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया है। इस बाबत तहसील स्तर पर आबकारी, प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों और दुकानदारों के बीच बैठक भी हुई है। इसका मकसद अवैध शराब के कारोबार को रोकना है।
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दरअसल पंचायत चुनाव में मतदाताओं को लुभाने का सबसे आसान माध्यम शराब है। प्रत्याशी ग्रामीण क्षेत्र में बनने वाली अवैध शराब और दूसरे राज्यों से आने वाली सस्ती शराब वोटरों में बंटवाते हैं। इसे रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन पंचायत चुनाव के कारण अवैध शराब का कारोबार इतना बढ़ चुका है कि प्रशासन, पुलिस व आबकारी विभाग का पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है।
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आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद ने बताया कि पंचायत चुनाव की वजह से सरकारी ठेकों पर भी शराब की बिक्री बढ़ गई है। प्रतापगढ़ और अयोध्या में ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशियों द्वारा बांटी गई शराब की वजह से ही मौतें हुई हैं। इसे रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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अवैध शराब की बिक्री रोकने में लेंगे नए दुकानदारों की मदद
आबकारी आयुक्त ने बताया कि एक अप्रैल से नया सत्र चालू हो गया है। नए दुकानदारों को अवैध शराब के बारे में विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया है। इस बाबत तहसील स्तर पर आबकारी, प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों और दुकानदारों के बीच बैठक भी हुई है। इसका मकसद अवैध शराब के कारोबार को रोकना है।