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UP: यूपी में 40 जिलों में आईसीयू तैयार, गंभीर मरीजों को सहूलियत, नर्सिंग स्टाफ को भी किया जा रहा प्रशिक्षित
Fri, 25 Jul 2025 09:46 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 25 Jul 2025 09:46 PM IST
सार
आईसीयू में मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। मरीजों को अब उनके जिलों में ही आईसीयू की सुविधा मिल रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Freepik
विस्तार
प्रदेश में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उनके ही जिले में इंटेसिव केयर यूनिट (आईसीयू) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेशभर के 40 जिला अस्पतालों में आईसीयू को सक्रिय कर दिया गया है। प्रदेश के जिला अस्पतालों में आईसीयू की सुविधा का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जिन अस्पतालों में आईसीयू वार्ड नहीं थे, वहा बनाया जा रहा है। अब तक करीब 40 जिलों में आईसीयू बनकर तैयार हो गया है। यहां मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इसके लिए डॉक्टरों के साथ ही नर्सिंग स्टाफ को भी अलग से प्रशिक्षण दिया गया है।
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इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व महारानी लक्ष्मी बाई (एमएलबी) मेडिकल कॉलेज, झांसी के प्रोफेसर अंशुल जैन ने किया, जो क्रिटिकल केयर मेडिसिन के प्रसिद्ध विशेषज्ञ हैं। अभी भी जिला अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सों और लैब टेक्नीशियनों सहित स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के विविध समूह को गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पाठ्यक्रम में वेंटिलेटर प्रबंधन, रोगी निगरानी, संक्रमण नियंत्रण और आईसीयू देखभाल के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं सहित कई आवश्यक विषय शामिल थे।
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इन जिलों में मरीजों को दी जा रही आईसीयू की सुविधा
वर्तमान में राजधानी लखनऊ के कई अस्पतालों में पूरी तरह से चालू और सक्रिय आईसीयू मरीजों की सेवा कर रहे हैं। इनमें बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल, रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल, लोकबंधु अस्पताल और राम सागर मिश्रा अस्पताल शामिल हैं, जो शहर के निवासियों को महत्वपूर्ण गहन देखभाल सेवाएं प्रदान करते हैं। इसके अलावा बाराबंकी, अयोध्या, सीतापुर, उन्नाव, कानपुर नगर, वाराणसी, प्रयागराज, अंबेडकर नगर, बलिया, आजमगढ़, मऊ, गोरखपुर और बस्ती के जिला अस्पतालों में भी आईसीयू प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं। इसी तरह इटावा, बांदा, चित्रकूट, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर, कन्नौज, झांसी, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और शामली के जिला अस्पतालों में सक्रिय आईसीयू आवश्यक देखभाल प्रदान कर रहे हैं।
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लोकबंधु अस्पताल के आईसीयू प्रभारी डॉ. दीपक कुमार मौर्य ने बताया कि उनके 11 बेड वाले आईसीयू ने पिछले महीने ही 150 से अधिक मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित कर्मचारी अब वेंटिलेटर और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में सक्षम हैं, जिससे वे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को सर्वोत्तम देखभाल प्रदान कर पा रहे हैं।
क्रिटिकल केयर यूनिट ने कम किया आर्थिक बोझ
चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिला अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को वेंटिलेटर एवं अन्य आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के उपयोग में पारंगत करने के लिए प्रशिक्षण इस मंशा से कराया गया कि इसका लाभ प्रदेश की जनता को मिले। यह मंशा अब कामयाब होती दिख रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम के कई जिला अस्पतालों में क्रिटिकल केयर यूनिट सक्रिय हैं और मरीजों को इसका लाभ स्थानीय तौर पर मिल रहा है जिससे उनपर वित्तीय बोझ भी कम हो रहा है।