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यूपी: आरटीई के दाखिलों पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगा निजी स्कूलों में हुए एडमिशन का ब्योरा
Thu, 15 Jan 2026 03:33 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 15 Jan 2026 03:33 PM IST
सार
RTE admissions: यूपी में आरटीई के माध्यम से करीब तबके के बच्चों के निजी स्कूलों में होने वाले दाखिलों पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। राज्य सरकार से इसका ब्योरा मांगा गया है।
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- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आरटीई अधिनियम के तहत कमजोर तबके के बच्चों के निजी स्कूलों में हुए दाखिलों पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार से हलफनामे पर प्रदेश के स्कूलों में आरटीई एक्ट और नियमों के तहत कक्षा- एक में दाखिलों की क्षमता का ब्योरा तलब किया है।
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कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि लखनऊ मंडल के ऐसे स्कूलों के ब्यौरे का आकलन करके अगली सुनवाई पर पेश किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता मनेंद्र नाथ राय की वर्ष 2015 में दाखिल जनहित याचिका पर दिया।
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इसमें, आरटीई अधिनियम के तहत प्रदेश के निजी स्कूलों में 25 फीसदी दाखिले, कमजोर तपके के बच्चों को देने के प्रावधान का पालन कराने के निर्देश सरकार को देने का आग्रह किया गया है। पहले, कोर्ट ने इस मामले में सरकार को ब्योरा पेश करने का आदेश दिया था, जो, दाखिल किया गया। कोर्ट ने कहा कि पेश किया गया ब्योरा अपूर्ण है। अदालत ने फिर इस मामले में सरकार को ब्यौरे के साथ बेहतर नया हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
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