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यूपी: हाईकोर्ट ने क्रिकेटर मोहम्मद कैफ को गिरफ्तारी से दी राहत, झूठा वादा करके यौन संबंध बनाने का है मामला
Tue, 03 Nov 2026 11:22 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 03 Nov 2026 11:22 PM IST
सार
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शादी के झूठे वादे पर यौन संबंध बनाने के आरोप में क्रिकेटर मोहम्मद कैफ को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
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मोहम्मद कैफ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने क्रिकेटर मोहम्मद कैफ को अंतरिम राहत देते हुए आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि विवाह के झूठे वादे पर यौन संबंध बनाने के आरोप में क्रिकेटर के खिलाफ दर्ज एफआईआर के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। यह आदेश अगली सुनवाई की तारीख 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।
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न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने कैफ की उस याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें उन्होंने लखनऊ के एक पुलिस स्टेशन में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती दी थी। हालांकि, न्यायालय ने कैफ को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
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इस वर्ष 13 सितंबर को उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 69 (धोखाधड़ी के साधनों का प्रयोग करके यौन संबंध आदि) और 351(3) [आपराधिक धमकी] के तहत लखनऊ के एक थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद, कैफ ने एफआईआर को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि एफआईआर "गलत और मनगढ़ंत कहानी" पर आधारित है और याचिकाकर्ता ने कभी भी शादी का कोई वादा नहीं किया था। उन्होंने आगे तर्क दिया कि एफआईआर उसे बदनाम करने के लिए दर्ज की गई थी और शिकायतकर्ता ने सबसे पहले 29 अप्रैल, 2026 को एक सोशल मीडिया पॉडकास्ट में ये आरोप लगाए थे।
इस दलील का विरोध करते हुए शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि एफआईआर में दर्ज तथ्यों से धारा 69 बीएनएस के तहत संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है।
उधर, सरकारी वकील ने निर्देशों के आधार पर बताया कि शिकायतकर्ता के बयानों में विरोधाभास है। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि जांच अधिकारी ने उच्च अधिकारियों को सिफारिश की है कि एफआईआर को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए, क्योंकि मुख्य आरोप दिल्ली से संबंधित हैं। मामला लखनऊ के पुलिस उपायुक्त के समक्ष लंबित बताया गया।
इसके जवाब में, कैफ के वकील ने कहा कि एफआईआर को स्थानांतरित करने की सिफारिश पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है और याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी की आशंका है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक कैफ को एफआईआर के आधार पर गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, बशर्ते वह जांच में सहयोग करे। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।