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UP: सुविधा और संसाधनों के आधार पर होगी माध्यमिक विद्यालयों की ग्रेडिंग, आवश्यक कमियों को किया जाएगा दूर
Thu, 03 Jul 2025 03:58 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 03 Jul 2025 03:58 PM IST
सार
यूपी के माध्यमिक विद्यालयों की ग्रेडिंग सुविधा और संसाधनों के आधार पर की जाएगी। इसके लिए विद्यालय में कक्षाओं, प्रयोगशाला और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं को आधार बनाया जाएगा। मूल्यांकन के बाद कमियों को दूर कराया जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के 2295 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पठन-पाठन की सुविधा व संसाधनों की व्यवस्था सुधारने के लिए विभाग की ओर से इन विद्यालयों की भी परख ग्रेडिंग जारी की जाएगी। इसके लिए विभाग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को एक निर्धारित प्रारूप में अपनी सूचनाएं ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर मूल्यांकन कर ग्रेडिंग जारी की जाएगी।
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परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में भी ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) आदि के माध्यम से सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं व संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही यहां आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास आदि की भी सुविधा बढ़ाई जा रही है। इसके बाद भी अगर कोई कमी है तो उसको इस ग्रेडिंग के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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विभाग की ओर से राजकीय विद्यालयों में शिक्षक व कर्मचारियों की संख्या, बिजली कनेक्शन, कंप्यूटर कक्ष की उपलब्धता, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, आर्ट रूम, स्मार्ट क्लास, वाईफाई की सुविधा, शिक्षक-छात्र उपस्थिति, पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई आदि के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों को नए सत्र में अप्रैल से जून तक की सूचनाएं schoolgradingmad-hyamikshiksha.in पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से सभी डीआईओएस व मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया गया है कि इन सूचनाओं को निर्धारित समय में अपलोड कराना सुनिश्चित करें। इसके लिए सभी विद्यालयों को प्रेरित भी करें। ताकि विद्यालयों की ग्रेडिंग समय पर जारी की जा सके।
यह तय की गई है समयसारिणी
प्रधानाध्यापक-प्रधानाचार्य को ऑनलाइन सूचना भरकर, आकड़ों के साथ डीआईओएस को आठ जुलाई तक भेजनी होगी। डीआईओएस इनका ऑनलाइन सत्यापन कर, पांच फीसदी विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को 12 जुलाई तक भेजेंगे। वहीं मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक मंडल के विद्यालयों का सत्यापन कर, कम से कम पांच विद्यालयों का भौतिक निर्धारण कर अपनी रिपोर्ट 15 जुलाई तक राज्य मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद मुख्यालय की ओर से ग्रेडिंग जारी की जाएगी।
200 नंबर पर होगी ग्रेडिंग
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 200 नंबर पर कॉलेजों की ग्रेडिंग जारी की जाएगी। इसमें 80 फीसदी नंबर पर उत्कृष्ट, 60 से 80 फीसदी लाने पर बहुत अच्छा, 40 से 60 फीसदी तक अच्छा, 20 से 40 पर संतोषजनक, 20 फीसदी नंबर लाने पर असंतोषजनक माना जाएगा।