UP: चार साल में 25 हजार करोड़ निवेश, चार लाख को नौकरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार के चार साल पूरा होने पर अधिकारी विभागों की उपलब्धियों का बखान करेंगे। प्रमुख सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास महेश कुमार गुप्ता ने इसकी शुरुआत की।
उन्होंने दावा किया कि पिछले चार साल में सरकार ने निवेश व औद्योगिक विकास को लेकर जो कदम उठाए हैं, उनसे सूबे में 25081.10 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। 1,68,219 उद्योगों की स्थापना हुई है। इनसे 12,98,188 लोगों को प्रत्यक्ष व 2,49,233 को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
गुप्ता ने विश्व बैंक के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी, उत्तर भारतीय राज्यों में पहले स्थान पर रहा। इसके अलावा सरकार ने विश्व स्तरीय औद्योगिक अवस्थापना सुविधाओं के विकास की पहल की।
इसके अंतर्गत लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे, लखनऊ-बलिया पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, लखनऊ में मेट्रो रेल, आईटी सिटी व क्रिकेट स्टेडियम, उन्नाव में ट्रांस-गंगा व इलाहाबाद में सरस्वती हाईटेक सिटी, औरैया प्लास्टिक सिटी जैसी योजनाओं पर काम शुरू हुआ। इनके अलावा प्रदेश में करीब 78,681 करोड़ की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।
सात लाख किसानों पशुपालकों को मिलेगा सीधा लाभ
उन्होंने 50 करोड़ से अधिक निवेश वाली परियोजनाएं स्थापित करने के लिए ऑनलाइन स्वीकृतियां व शुल्क भुगतान की सुविधा के अलावा समाधान दिवस जैसी पहल का खास तौर से उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि अमूल लखनऊ, कानपुर, वाराणसी व सैफ ई में दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कर रहा है। इससे सात लाख किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा। 20 हजार से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
औद्योगिक टाउनशिप के लिए 90 फीसदी जमीन अधिगृहीत
उन्होंने बताया कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रे ट कॉरिडोर के किनारे औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने के लिए 90 फीसदी जमीन अधिगृहीत कर ली गई है। यूपी में पड़ने वाले 18 स्टेशनों के आस-पास औद्योगिक क्षेत्र के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है।
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के माध्यम से जमीन दे दी है। इसके बनने से दादरी से मुंबई पोर्ट तक पहुंचने के समय में काफी कमी आ जाएगी।