कितनी भी बढ़े महंगाई, यूपी में नहीं घटेगा वैट!
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राज्य सरकार ने महंगाई का ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ते हुए मंगलवार को विधानसभा में कहा कि महंगाई की वजह वैट नहीं है और सरकार इसमें कोई कमी नहीं करेगी।
सरकार ने महंगाई के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं महंगाई को लेकर सत्ता पक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर हमले भी किए।
डीजल की कीमतों और रेल किराए में बढ़ोतरी पर सत्ता पक्ष के साथ-साथ कांग्रेस व बसपा ने भी भाजपा पर निशाना साधा।
इस पर सत्तापक्ष व कांग्रेस की भाजपा के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई।
वैट की दरें अन्य राज्यों से अधिक नहीं
प्रश्न काल में भाजपा के श्यामदेव राय चौधरी के एक सवाल के जवाब में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अंबिका चौधरी ने कहा कि महंगाई कम करने के लिए प्रदेश में वैट की दरों में कमी करने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है।
प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद सरकार ने दिल्ली और मध्य प्रदेश से 750 वस्तुओं पर वैट की दरों का तुलनात्मक अध्ययन कराया था। 414 वस्तुओं पर वैट की दर समान मिली।
दिल्ली में 142 वस्तुओं पर यूपी से ज्यादा वैट था जबकि मध्य प्रदेश में 123 वस्तुओं पर वैट की दर यूपी से ज्यादा थी।
प्रदेश में केवल 81 वस्तुओं पर वैट की दर दिल्ली और एमपी से ज्यादा थी। यह आरोप पूरी तरह निराधार है कि प्रदेश में वैट की दरें अन्य राज्यों से अधिक हैं।
विधानसभा में तीखी नोकझोंक
अंबिका ने दूसरे राज्यों में पेट्रोलियम पदार्थों पर लागू वैट की दरों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई राज्यों के मुकाबले यूपी में दर कम है। कृषि यंत्रों पर वैट नहीं लागू है।
भाजपा की विमला सोलंकी ने आरोप लगाया कि सरकार दूसरे राज्यों का हवाला देकर बचने की कोशिश कर रही है। इस पर अंबिका ने कहा कि पिछले कुछ ही वर्षों में डीजल की कीमत 27 रुपये से 52 रुपये लीटर तक पहुंच गई। क्या यह वैट के कारण है?
अच्छे दिन की बात करने वाली मौजूदा केंद्र सरकार ने इतने ही दिनों में एक बार 75 पैसे और एक बार 50 पैसे कीमत बढ़ाई।
इसमें वैट कहां है? चीनी तीन रुपये किलो बढ़ गई। जिन दोस्तों ने चुनाव में मदद की उन्हें फायदा पहुंचाने के लिए दरें बढ़ाई गई हैं तो वहां मामला उठाना चाहिए। आजम ने चुटकी ली कि हम नवाज शरीफ का नाम नहीं लेंगे कि उनके कारण कीमतें बढ़ाई गई हैं।
शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर
इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। भाजपा के सतीश महाना ने कहा कि पिछली सरकार डीज़ल की कीमत प्रतिमाह 50 पैसे बढ़ाने का नीतिगत निर्णय करके गई थी।
आजम ने कहा कि आप निर्णय लागू न करते। रेल किराया भी न बढ़ाते। इसी बीच प्रदीप माथुर ने भाजपा पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए कहा कि ये दंगे कराकर सत्ता में आ गए हैं।
महाना ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ये पीड़ा चुनाव में हार की है। मां-बेटे के अलावा कोई नहीं जीत सका। महाना और माथुर में नोकझोंक होने लगी तो आजम ने कहा कि दोनों ने मिलकर देश को ठग लिया।
नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आप क्यों पिछली सरकार के रास्ते पर जा रहे हैं? आरोप-प्रत्यारोप बढ़ता देख अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने दूसरे सवाल के लिए सदस्य का नाम पुकार लिया।